लखनऊ। डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह ने स्कूलों में शिक्षकों व कर्मचारियों की फर्जी तरीके से हुई भर्ती में फर्जीवाड़े को पकड़ा था। माध्यमिक स्कूलों में शिक्षकों व कर्मचारियों की फर्जी तरीके से हुई नियुक्तियों की जांच के आदेश माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने दिए है। शहर के करामत हुसैन इंटर कॉलेज, लालबाग गर्ल्स इंटर कॉलेज, खुनखुन जी कॉलेज समेत करीब 30 कॉलेजों में नियमों को ताक पर रख कर भर्तियां की गई थी।
शिक्षा निदेशक ने डीआईओएस से 20 जनवरी तक नियुक्तियों की जांच रिपोर्ट देने को कहा है।बताया जा रहा है कि यशोदा इंटर कॉलेज में छात्र संख्या कम होने के बाद भी 14 शिक्षकों की नियुक्तियां कर दी गई। भर्ती के वक्त अर्हता व नियमों को भी ध्यान में नहीं रखा गया। ऐसा ही दिगम्बर जैन इंटर कॉलेज में हुआ। यहां पर शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी के रिश्तेदारों को नौकरी बांटी गई।
यहां पर डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह की ओर से राजधानी के तीस से अधिक स्कूलों में नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा पकड़ा था। इसकी जांच रिपोर्ट भी शासन को भेजी गई थी। साल भर बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक विनय कुमार सिंह ने नियुक्तियों की जांच के आदेश दिए हैं। शिक्षा निदेशक की ओर से जारी आदेश में स्कूल का स्थलीय निरीक्षण नियुक्तियों से जुड़े अभिलेख और उपस्थिति रजिस्टर की जांच भी करने के निर्देश दिए गए हैं।ज्ञात हो कि शहर के तीस से अधिक स्कूलों में शिक्षकों व कर्मचारियों की नियुक्तियों में फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है।
स्कूलों में हुई इन नियुक्तियों में शिक्षा विभाग समेत जिलाधिकारी कार्यालय के कई अधिकारियों का गठजोड़ भी उजागर हो सकता है। शिक्षा विभाग में तैनात कई अधिकारियों ने अपने रसूख के दम पर स्कूलों में फर्जी नियुक्तियों का खेल खेला है। लखनऊ के कस्तूरबा बालिका विद्यालय इंटर कॉलेज,आर्य कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज,गुरुनानक गर्ल्स इंटर कॉलेज,स्वतंत्र गर्ल्स इंटर कॉलेज,सहाय सिंह बालिका इंटर कॉलेज,बालिका विद्या निकेतन,यशोदा रस्तोगी गर्ल्स इंटर कॉलेज में नियुक्तियों की जांच चल रही हैं। डीआईओएस मुकेश कुमार सिंह का कहना है कि शिक्षा निदेशक की ओर से नियुक्तियों की जांच रिपोर्ट मांगी गई है।
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