आजमगढ़। शारदीय नवरात्र की महाष्टमी को देवी मंदिरों में रोज की अपेक्षा कुछ ज्यादा ही भीड़ रही। मां के चरणों में शीश झुकाकर लोगों ने सुख-शांति का आशीश मांगा। पहले और आखिरी दिन व्रत रखने वालों ने फलाहार किया, वहीं बच्चों में भी उत्साह का आलम यह कि सुबह से उन्होंने ने भी व्रत किया। हर तरफ आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा वहीं धूप-अगियारी की सुगंध से चैतरफा माहौल खुशनुमा रहा। जनपद के सभी देवी मंदिर मां दुर्गे के जयकारे से गूंजते रहे। सुबह से शुरू हुआ पूजन-अर्चन देर रात तक चलता रहा और मां के मंदिर गुलजार रहे। शहर के चौक स्थित दक्षिणमुखी देवी मंदिर पर सुबह से ही पूजा-पाठ का कार्यक्रम शुरू हुआ तो देर रात तक चलता रहा। चारों तरफ मां के गीतों की गूंज सुनाई दे रही है। बड़ादेव स्थित मां की प्रतिमा पर पूजन-अर्चन करने वालों का तांता लगा रहा। चौक देवी मंदिर के पुजारी शरद तिवारी ने कहा कि सौभाग्य, धन-संपदा और स्त्री जनित गुणों की अधिष्ठाती देवी महागौरी हैं। भगवान शिव ने काली जी पर गंगा जल छिड़का तो वह महागौरी हो गईं।
महागौरी सृष्टि का आधार व अक्षय सुहाग की प्रतीक हैं। देवी के इस रूप की पूजा-अर्चना से विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का फल मिलता है। महाष्टमी के मद्देनजर कई प्रतिमाओं के पट दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। यहां पूजन-अर्चन शुरू हो गया है। क्षेत्र को पूरी तरह से झालर व लाइटों से सजाया गया है। इससे पूरा क्षेत्र ही जगमगा रहा है। शहर में कई स्थानों पर पंडालों में मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। कुल मिलाकर दुर्गा पूजा व दशहरा की तैयारियां अंतिम दौर में है। शहर के चैक क्षेत्र में ज्यादा जाम लग रहा है। सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का रेला लगा रहा। चैक क्षेत्र से जाने वाले लोगों को मशक्कत का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार शहर के रैदोपुर देवी मंदिर व निजामाबाद के शीतला धाम मंदिर पर अष्टमी के दिन लोगों का तांता लगा रहा।
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