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रिपोर्ट:हर्ष यादव
मुसाफिरखाना। नगर पंचायत के अब्दुल हसन वार्ड नं.7 में बनाये गए बारात घर के उदघाटन के पत्थर पर अब्दुल हसन के नाम से बने वार्ड नम्बर 7 को पत्थर में नही दर्शया गया सैय्यद मकसूदुल हसन ने बताया कि इसौली से अब्दुल हसन वर्ष 1925 में मुसाफिरखाना में आये थे जो कि पूर्व में जिलापंचायत सदस्य सहित अंग्रेजों के समय मे अनेक पदों पर रह चुके थे।
परंतु नगर पंचायत के चेयरमैन के द्वारा पत्थर में मात्र मुस्लिम होने के नाते अब्दुल हसन वार्ड नही लिखा गया श्री हसन ने नगर पंचायत चेयरमैन व अधिकारियों कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि नगर में किसी भी नाम से कोई भी शिला पट व वार्ड का नाम करण नही होना चाहिए।
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