बदलते मौसम के चलते सरसों की फसलों में कीटों का प्रकोप दिखा

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रिपोर्ट-तकी मेंहदी

बल्दीराय/सुल्तानपुर।।बदलते मौसम के मिजाज से वर्षा होने के कारण गेहूँ की फसल को फायदा होगा ,जो किसान गेहूं की फसल समय से लगाये है उन्हे चौथी सिंचाई तथा जो विलम्ब से गेहूं की फसल लगाएं है उन्हे तीसरी सिचाई का लाभ मिला है। जो किसान भाई सिचाई जल्द ही किये है उन्हें तेज बर्षा होने पर नुकसान हो सकता है। अतःपानी निकालने की व्यवस्था करे।कुछ किसानों की सरसों की फसल में फूल है

तो किसी किसानों की फसल में फली अ रही हैं जिसमें बदली और वर्षा के कारण फसलों में माहू नाम का कीट लग रहा है जिसकी देखरेख की जरूरत है लापरवाही से नुकसान हो सकता है किसानों को कीट का प्रकोप देखते ही कीटनाशक दवा क्रोरोकोयरीफास नामक रसायन का छिड़काव करे या जैविक कीटनासी (नीम का तेल)का भी छिडकाव कर सकते है नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौधोगिक विश्व विधालय कुमारगंज अयोध्या द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र बरासिन सुलतानपुर के
डा.अशोक कुमार सिंह ने सलाह दिया है कि जिन दलहनी फसलों अरहर, चना, मटर ,मसूर , तिलहनी फसल जैसे सरसों ,अलसी मे फूल लगे है , तेज हवा के कारण नुकसान होने की संभावना है ।परंतु जिन फसलों में फली बन गयी है उसे फायदा होगा । सब्जियों में टमाटर ,बैंगन मिर्च ,गोभी को इस वर्षा से लाभ होगा। परन्तु आलू की फसल में बदली होने के कारण झुलसा बीमारी का प्रकोप हो सकता है। जो किसान भाई अगैती लौकी ,कद्दू नेनुआ तथा करेला लगाये है यदि पाला नही पड़ा तो फायदा होगा। आम में जिनमें अभी बौर निकल रहा है परंतु खिला नहीं है उन्हें लाभ होगा क्योंकि आम की धुलाई हो गई है .परन्तु जिन के फूल खिल गए हैं उन्हें नुकसान होने की संभावना है।

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