बढ़ रही ठंड में अलाव जलाने के दावों पर शुरुवाती दौर मे ही नगरपालिका पडरौना में दम नहीं 

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पडरौना कुशीनगर । अदम गोंडवी की ये लाइनें ‘तुम्हारी फाइलों में गांव का मौसम गुलाबी है, मगर ये आंकडे़ झूठे हैं और दावे किताबी हैं…’ जिला प्रशासन के उन दावों पर एकदम सटीक बैठती हैं, जिसके तहत कागजों में तो पडरौना में कई जगहों पर अलाव जल रहे हैं, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। ठंड में हुई वृद्धि से आम न जीवन प्रभावित होने लगा है। ठंड में वृद्धि से यातायात व्यवस्था पर भी प्रतिकूल असर पड़ने लगा है। शुक्रवार को अलाव जलने वाले स्थानों का क्या हाल रहा। पेश है उपेन्द्र कुशवाहा और कार्यालय रिपोटर्र शकिल अहमद की रिपोर्ट।
समय : सुबह 11.05 बजे ,      स्थान: प्रमुख चौराहा सुभाष चौक
सुभाष चौक नगर का सबसे व्यस्ततम चौराहा है। यहां पुलिस बूथ केरला में रैन बसेरा भी बना है। हर रोज जिले के बड़े अधिकारी इस चौराहे से गुजरते हैं। प्रशासन का दावा था कि यहां अलाव जलता  हैं। लेकिन यहां तो दूर-दूर तक कहीं अलाव नजर नहीं आया।
समय: सुबह 11.10 बजे      स्थान: कठकुइयां मोड़
नगर में प्रवेश करते ही कठकुइयां मोड़ पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान के निर्माता डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा सभी का स्वागत करती है। सड़क के दोनों तरफ खोमचे और ठेला लगाकर जीविकोपार्जन करने वाले गरीब दिखेंगे। यहां अलाव नहीं दिखा। बहुत खोजने के बाद गांधी प्रतिमा के नीचे एक कुछ गत्ते सुलगते  दिखे । ट्रैफिक सिपाही ने बताया कि ठेला लगाने वाले गरीबों ने बचा कर रखा था वही जला रहे हैं।
समय: सुबह 11.15 बजे               स्थान: पडरौना ब्लॉक परिसर
कहते हैं भारत की आत्मा गांवों में बसती है। गांवों में विकास के लिए जाने वाला धन ब्लॉक दफ्तरों से होकर जाता है। यहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन यहां अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। दिखे तो कुछ गरीब गांव वाले। जो अलाव न जलने से ठंड से कांप रहे थे।
समय: सुबह 11.22 बजे                     स्थान: रेलवे स्टेशन परिसर
जनसंदेश आनलाइन  की  टीम कई जगहों का मुआयना करते हुए उस स्थान पर पहुंची जहां जनपद के कोने कोने से आए लोग अपना सफर तय करने के लिए पहुंचते हैं। प्रशासन का दावा रहता है कि रेलवे स्टेशन पर अलाव जलता है। लेकिन पडरौना रेलवे स्टेशन अलाव से वंचित था। कहीं भी अलाव का नामोनिशान नहीं दिखा।
समय: सुबह 11.25                स्थान: माल गोदाम
रेलवे के माल गोदाम तिराहे को अगर शहर को जोड़ने वाला स्थान माना जाए तो कोई गलती नहीं होगी। कई दुकानें यहां हैं ही साथ ही आसपास खुले आसमान के नीचे ढेर सारे गरीब अपना जीवन यापन करते हैं। लेकिन प्रशासन के दावे यहां भी हवा हवाई साबित हो रहे थे। कहीं अलाव नहीं दिखा।
समय: सुबह 11.30 बजे               स्थान: कोतवाली चौक
कोतवाली चौक शहर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। कोतवाली, नगर अस्पताल,मेडिकल स्टोर्स सहित कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान यहां मौजूद हैं। यह बात दीगर है कि जनता की आवाज बुलंद करने वाले कई जनप्रतिनिधि इस चौराहे पर सुबह से शाम तक आसानी से मिल जाएंगे, लेकिन अलाव जैसी कोई चीज यहां नहीं दिखी।
समय: सुबह 11.35            स्थान: रैन बसेरा
नगर में रिक्शा चलाने वालों के लिए सुभाष चौक के पास रैन बसेरा अब नही बन सका है। इसका उद्देश्य है कि गर्मी, बरसात या सर्दी के मौसम में रिक्शावालों के लिए ठिकाना रहता है । प्रशासन ने इन गरीब रिक्शावालों के लिए बने रैन बसेरा पर भी अलाव नही जलवाया है लेकिन रिक्शावालों से जब जनसंदेश की  टीम ने अलाव के बारे में बात की तो इन लोगो ने बताया यहा अब तक आलाव नही जलाया गया है ।
समय: सुबह 11.40            स्थान: बस स्टेशन
नगर के बस स्टेशन पर प्रशासन ने अलाव नहीं जलवाया  था। लेकिन स्थानीय लोग ठंडी से निजात पाने के लिए गत्ते और कबाड़ जलाकर ताप रहे थे। लोग जानना चाहते हैं कि अलाव क्यों नहीं जलाया जा रहा है। अलाव न जलने से लोगों को बहुत दिक्कत हो रही है। गरीबों की कंपकंपी से जिला प्रशासन बेखबर है।
अलाव की व्यवस्था के लिए कई लोगों की जिम्मेदारी दी गई है। अलाव नहीं जलवाना गंभीर प्रकरण है। इसका मैं स्वयं जायजा लूंगा और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
डा. अनिल कुमार सिंह,डीएम

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