लखनऊ। बेसिक शिक्षा निदेशक सर्वेन्द्र विक्रम बहादुर सिंह ने ऑनलाइन तबादला नीति 2019 प्रस्तावित की है। प्रस्तावित नीति के तहत 23 मार्च 2019 तक रिक्त हुए पदों का विवरण एनआईसी की वेबसाइट पर जारी किया जाएगा। जिले में लगातार पांच वर्ष तक कार्यरत शिक्षक अंतरजनपदीय तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदक को वरियता के क्रम में 3 जिलों का विकल्प देना होगा।
प्रस्तावित नीति के तहत छूट और गुणांक प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र की प्रति भी अपलोड करनी होगी। आवेदक को ऑनलाइन आवेदन का प्रिंट बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में दो प्रतियों में जमा कराना होगा। बीएसए दफ्तर से उसकी प्राप्ति रसीद भी दी जाएगी।
बीएसए ऑनलाइन आवेदन पत्रों का अपने रिकार्ड से मिलान कर उसका सत्यापन करेंगे। बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में कार्यरत सहायक अध्यापकों के अंतरजनपदीय तबादलों के लिए ऑनलाइन आवेदन 15 से 22 जुलाई तक लिए जाएंगे।
शहरी क्षेत्रों से ग्रामीण क्षेत्र और ग्रामीण क्षेत्र से शहरी क्षेत्र के स्कूलों में स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। सामान्य जिलों में 15 प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने और आठ महत्वाकांक्षी जिलों में दस प्रतिशत से अधिक रिक्त पद होने पर वहां कार्यरत शिक्षकों – शिक्षिकाओं का अंतरजनपदीय स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। तबादला प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी की जाएगी। तबादला नीति में बेसिक शिक्षा अधिकारियों की मनमानी पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।
बीएसए आवेदन पत्र भरने की तिथि से एक सप्ताह के अंदर आवेदन पत्र का परीक्षण कर उसे सत्यापित या निरस्त करेंगे। सत्यापित आवेदन पत्र की एक प्रति, आवश्यक साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ खुद के पास सुरक्षित रखेंगे और एक प्रति बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव कार्यालय में जमा करानी होगी।
बीएसए को यह प्रमाण पत्र भी देना होगा कि उनके जिले में निर्धारित तिथि तक कितने प्रिटेंड आवेदन पत्र प्राप्त हुए, उनमें से कितने आवेदन पत्र सत्यापित किए और कितने निरस्त किए गए।
प्रमाण पत्र में आवेदन निरस्त करने का कारण भी स्पष्ट करना होगा। निरस्त आवेदन पत्रों की सूची परिषद के सचिव कार्यालय को भेजनी होगी और उसे अपने दफ्तर के नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करना होगा।
Leave a Reply