अयोध्या । पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बतौर अयोध्या जिले का दौरा करेंगे। हालांकि, वह हनुमानगढ़ी मंदिर या अस्थायी राम मंदिर नहीं जाएंगे। यह मसला स्थानीय लोगों के लिए हैरानी की वजह बन गया है और वे सवाल कर रहे हैं, ‘अयोध्या से मोदी की दूरी क्यों? अयोध्या मंदिर रैली स्थल से दूर नहीं है।
राहुल गांधी और प्रियंका गांधी तक हनुमानगढ़ी मंदिर में दर्शन करने आए थे। हमें लगता है कि मोदी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद ही अयोध्या के राम मंदिर में आना चाहते हैं।’ हम चाहेंगे कि प्रधानमंत्री मंदिर की आधारशिला रखें।
मैं पहले ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कह चुका हूं कि वह मोदी से इसकी गुजारिश करें।’ फैजाबाद में नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास का कहना है कि प्रधानमंत्री को अयोध्या शहर में जरूर आना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘यह राममंदिर मुद्दे पर एक भरोसेमंद आश्वासन हो सकता है।
’ मोदी बुधवार को रामपुर माया में रैली करेंगे, जो अयोध्या-अंबेडकरनगर जिले की सीमा पर एक छोटा सा शहर है। यहां से अयोध्या के विवादित ढांचे की दूरी महज 25 किलोमीटर है। प्रधानमंत्री यह रैली फैजाबाद और अंबेडकर नगर लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में कर रहे हैं। राहुल 2017 विधानसभा चुनाव और प्रियंका इस महीने की शुरुआत में अयोध्या आ चुकी हैं।
दोनों हनुमानगढ़ी मंदिर गए थे, लेकिन विवादित स्थल से दूरी बनाकर रखी थी। राहुल और प्रियंका की दलील थी कि चूंकि राममंदिर का मामला अदालत के समक्ष विचाराधीन है, इसलिए वे अस्थायी राममंदिर में नहीं जा रहे हैं।
हालांकि, मोदी पिछले पांच वर्षों में हनुमानगढ़ी भी नहीं गए हैं, जिससे पुजारी और स्थानीय लोग हैरान हैं। हनुमानगढ़ी मंदिर के आसपास के दुकानदारों के साथ अयोध्या के स्थानीय लोगों का कहना है कि हो सकता है कि प्रधानमंत्री ‘राममंदिर पर सियासत’ नहीं करना चाहते और मामला अदालत में होने वजह से यहां आने से बच रहे हों।
हनुमानगढ़ी मंदिर में मिठाई बेचने वाले दुकानदारों के एक समूह का कहना है, ‘हालांकि, इंदिरा गांधी जैसी पूर्व प्रधानमंत्री ही हनुमानगढ़ी मंदिर गई थीं।
प्रधानमंत्री वाराणसी में काशी विश्वनाथ और काल भैरव मंदिर में जाते हैं तो फिर यहां क्यों नहीं?’ निर्मोही अखाड़ी के महंत दीनेंद्र दास इस संक्षेप में समझाते हैं, ‘जब रामजी की इच्छा होगी तो वह (मोदी) जरूर आएंगे। तब हम उनका स्वागत करेंगे।’
Leave a Reply