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पडरौना,कुशीनगर : जिले के बिशनपुरा विकासखंड के गांव जंगल शाहपुर,भेड़ियारी टोला 65 वर्षीय निवासी नगीना कुशवाहा की हृदय गति रुकने से हुई मौत को लेकर रविवार को उनके अंतिम संस्कार में जुटे राजनीतिक दलों से लेकर जीवन चक्र तक साथ देने वाले साथियों के अलावा रिश्तेदार व सामाजिक लोगों ने अंतिम संस्कार के दौरान यूपी बिहार बॉर्डर स्थित बांसी घाट पर पहुंच लोगों ने शोक सांत्वना व्यक्त की तथा उनकी आत्मा के लिए दुआ भी मांगी है |
गौरतलब हो कि कुशीनगर जिले के बिशनपुरा विकासखंड के जंगल शाहपुर भेड़ियारी टोला 65 वर्षीय निवासी नगीना कुशवाहा उक्त गांव के पूर्व प्रधान भी रह चुके हैं, हालांकि उनका राजनीतिक कर्मभूमि पडरौना नगर से सटे सिधुआ बाजार के अगल-बगल गांव से भी रहा है, बताया जाता है कि श्री कुशवाहा जिला पंचायत सदस्य के दमदार उम्मीदवारी जताते हुए खुद दो बार वार्ड नंबर 62 से चुनाव भी लड़े थे हालांकि किसी कारण उनको चुनाव में जीत हासिल नहीं हो सकी थी, जबकि अपने जीवन काल में अपने सबसे छोटे बेटे राहुल कुशवाहा को जिला पंचायत के वार्ड नंबर 62 से भी चुनाव लड़ चुके हैं |
लेकिन उसमें भी इनको पराजय ही मिली थी, इन सबके बीच अपने राजनीतिक जीवन में संघर्ष करते हुए श्री कुशवाहा अपने चहते लोगों के साथ साथ ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े लोगों के प्रति राजनीतिक होने के बावजूद भी सेवा भाव करते चले आ रहे थे कि, इसी बीच अपने ही खेत में कृषि कार्य करने के दौरान,तीन वर्ष पूर्व एक प्राकृतिक दुर्घटना में अपने पैर को गवा चुके थे,इस घटना के बाद श्री कुशवाहा एकदम से घर पर बैठ जाने के कारण अपने चहेते लोगों के प्रति मिलना जुलना व राजनीतिक क्षेत्र में कम समय देने के कारण काफी अस्वस्थ चल रहे थे कि,उम्र के बढ़ने के कारण बीच में तबीयत भी खराब होने लगी, परिजनों ने इनके स्वस्थ रहने के लिए हर तरह से इलाज व खानपान कि मैं कहीं कमी नहीं रखी की, बीते 2 दिन पुर अचानक से हुए तबीयत खराब के दौरान आनन-फानन में परिजन श्री कुशवाहा को लेकर लखनऊ में इलाज कराने के लिए गए हुए थे जहां इनकी हृदय गति रुकने के कारण शनिवार की देर शाम मौत हो गई |
उधर श्री कुशवाहा की मौत की सूचना मिलते ही इनसे जुड़े राजनीतिक दल चाहे ते लोग रिश्तेदार सामाजिक कार्यकर्ता में शोक की लहर दौड़ पड़ी,इस दौरान लखनउ से श्री कुशवाहा का घर आने के बाद परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार के लिए ले गए बांसी घाट पर लोगों की सोच सत्य होना व्यक्त करने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के अलावा लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी |
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