पीलीभीत : द्वेष की भावना से भाई ने की भाई के रोजगार को बंद कराने की शिकायत मौके पर पहुंची पर पहुंची राजस्व टीम

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रिपोर्ट जाहिद अली

जहां एक ओर भारत के प्रधानमंत्री बेरोजगारों को स्वरोजगार देने की बात कर रहे हैं वही उन्हीं के कर्मचारी गण स्वरोजगार कर रहे परिवार को बेरोजगारी की आग में झोंकने की कोशिश कर रहे हैं बार-बार जांच के नाम पर स्वरोजगार कर रहे परिवार को डराया और धमकाया जा रहा है। जी हां ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के जनपद पीलीभीत की कोतवाली जहानाबाद क्षेत्र के ग्राम पंचायत सरौरी से प्रकाश में आया है इसी ग्राम में धर्म दास मौर्य पुत्र तुरसीराम मौर्य ने अपने परिवार का लालन पालन करने के लिए अपने पढ़े-लिखे बेरोजगार बेटों के लिए स्वरोजगार की राह पकड़ कर उन्होंने गांव में ही अपनी भूमि पर आबादी से दूर मिनी प्लांट का संचालन कराया।पूरा परिवार मिनी प्लांट की कमाई से अपना लालन-पालन करने लगा। मगर उनकी इस खुशहाली को द्वेष भावना से ग्रस्त गांव के ही निवासी बड़े भाई लल्लूराम मौर्य पुत्र तुरसीराम मौर्य को रास नहीं आ रहा वह उनका रोजगार छीनने पर अमादा होते हुए षड्यंत्र कर उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए कई बार मिनी प्लांट के कारण अपने मकान की दीवारों को छतिग्रस्त बताते हुए झूठी शिकायतें कर चुका है।

आज उसी के द्वारा शिकायत करने पर राजस्व विभाग की संयुक्त टीम(जिसमें पुलिस बिभाग और प्रदूषण विभाग शामिल रहा है) गांव जांच करने पहुंची और गहनता से शिकायत की जांच की।वहीं पूर्व में भी अधिकारियों के द्वारा की गई जांच में स्पष्ट कहा गया है कि मिनी प्लांट से शिकायतकर्ता के मकान पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ रहा है। ग्राम वासियों के द्वारा भी मीडिया को बताया गया है कि शिकायतकर्ता द्वेष भावना के कारण शिकायत कर रहा है मिनी प्लांट से उसके मकान पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ रहा है। मीडिया के द्वारा जांच करने गए अधिकारियों से जांच के संबंध में पूछताछ की गई तो उन्होंने मीडिया को वाइट देने से मना कर दिया तथा मौखिक रूप से बताया है की शिकायत पर जांच करने आए हैं मिनी प्लांट में कुछ कमियां हैं उनमें सुधार करने के लिए मिनी प्लांट मालिक को निर्देश दिए गए हैं।

अब सवाल यह उठता है कि अगर स्वरोजगार कर रहे परिवार को अगर बेरोजगार कर दिया जाता है तो यह परिवार अपना लालन पालन कैसे करेगा।कहीं ना कहीं भारत के प्रधानमंत्री माननीय नरेंद्र मोदी की योजना पर सवाल खड़ा हो जाएगा।वही मिनी प्लांट चला रहे परिवारी जनों ने मीडिया के माध्यम से कहा है कि अगर उनका यह मिनी प्लांट बंद कराया जाता है तो सरकार उन्हें पेंशन दे।

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