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उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली क्षेत्र के जंगल बेलवा के ग्रामीणों ने प्रधान पर घूस मांगने का आरोप लगाकर दो घंटे तक पडरौना-जटहां मार्ग जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान झड़प होने पर पुलिस ने जहां लाठियां चटकाई वहीं उग्र ग्रामीणों ने भी ईंट-पत्थर चलाए, जिसमें 3 पुलिस कर्मी घायल हो गये। बाद में एसडीएम ने किसी तरह समझा बुझाकर ग्रामीणों को शांत कराया।
विकास खंड पडरौना के जंगल बेलवा गांव में प्रधान अनिल यादव ने गांव में सरकारी लाभ से वंचित परिवारों के सदस्यों की बैठक शानिवार की सुबह मटियरवा स्थित पंचायत भवन में बुलायी थी। बैठक में प्रधान, सेक्रेटरी और सैकड़ों ग्रामीण जुटे थे। बैठक में सरकारी लाभ से वंचित परिवार के लोगों ने राशनकार्ड, आवास, शौचालय, वृद्धा पेंशन आदि का लाभ नहीं मिलने का आरोप लगाया। ग्रामीण यह भी आरोप लगाने लगे कि प्रधान शौचालय निर्माण के लिए लाभार्थी से दो-दो हजार रुपये घूस मांग रहे हैं।
ग्रामीण लामबंद होकर गांव के सामने पडरौना-जटहां मार्ग जाम कर प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दिया। इस पर प्रधान एवं सेक्रेटरी मौके से फरार हो गये। सड़क जाम की सूचना मिलते ही पडरौना कोतवाल विजय राज सिंह मयफोर्स मौके पर पहुंच कर लोगों को समझा बुझाने लगे। ग्रामीण प्रधान के वित्तीय अधिकार पर रोक लगाने एवं घूस लेने के मामले की जांच एसडीएम से कराने की मांग पर अड़े रहे।
इस पर पुलिस ने लाठी भांजकर ग्रामीणों को खदेड़ना शुरू किया तो ग्रामीण भी उग्र हो गये और ईंट-पत्थर चलाने लगे। इसमें चोट लगने से तीन पुलिस कर्मी घायल हो गये। पुलिस ने ग्रामीणों को खदेड़ गांव तक पहुंचा दिया। बाद में पहुंचे एसडीएम अजय नारायन सिंह ने ग्रामीणों को समझाया बुझाया और आश्वासन दिया कि पात्र व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं का लाभ मुहैया कराया जायेगा। लाभ दिलाने के नाम पर रुपये लेना गलत है।
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