धरने पर बैठे पुलिस उत्पीड़न के खिलाफ नोएडा के BJP कार्यकर्ता, सड़क पर गाड़ी खड़ी कर लगाया जाम

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नोए़डा सेक्टर-22 स्थित चौड़ा गांव के रहने वाले भाजपा कार्यकर्ता नरेश शर्मा की गिरफ्तारी से नाराज भाजपाइयों ने बृहस्पतिवार को जमकर हंगामा किया। भाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता की अगुवाई में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कोतवाली सेक्टर-24 का घेराव कर कोतवाली प्रभारी को हटाने की मांग की। करीब तीन घंटे तक थाने के बाहर धरना-प्रदर्शन व नारेबाजी के बाद करीब तीन बजे भाजपाई थाने से हटे। डीसीपी नोएडा संकल्प शर्मा का कहना है कि पुलिस के खिलाफ बिना आधार के आपत्तिजनक ट्वीट करने पर जांच के बाद गिरफ्तारी की गई थी। नियमानुसार उन्हें थाने से जमानत दी गई है। थाने के बाहर हुए प्रदर्शन के मामले में साक्ष्य एकत्रित किये गए हैं। जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।

वहीं भाजपा महानगर अध्यक्ष का कहना है कि पुलिस कार्यकर्ता का बेवजह उत्पीड़न कर रही है।अपनी ही सरकार में सड़क पर भाजपाईभाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता की अगुवाई में बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे सैकड़ों कार्यकर्ता कोतवाली सेक्टर-24 पहुंचे और गेट के बाहर सड़क पर धरने पर बैठ गए। करीब तीन घंटे तक वहां धरना व नारेबाजी चलती रही। उनका कहना था कि पुलिस ने भाजपा कार्यकर्ता को बेवजह गिरफ्तार किया है। कार्यकर्ता को ससम्मान छोड़ा जाए और कोतवाली प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई हो।

थाने के बाहर भाजपा नेताओं के धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर पहले एसीपी रजनीश वर्मा के बाद एडिशनल डीसीपी रणविजय  सिंह व फिर डीसीपी संकल्प शर्मा थाने पहुंचे। इस दौरान भाजपा नेताओं से पुलिस अधिकारियों ने कई दौर में बातचीत की। हालांकि इस बीच कोई हल नहीं निकला। करीब तीन बजे भाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह ने फोन पर बात की, इसके बाद भाजपाइयों के तेवर नरम पड़े और वह थाने से चले गए। भाजपाइयों के थाने से जाने के बाद ही पुलिस ने राहत की सांस ली।

यह है मामला

डीसीपी संकल्प शर्मा के अनुसार, पिछले माह चौड़ा गांव में रहने वाले नरेश शर्मा ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक ट्वीट किया था। एसीपी ने इस प्रकरण की जांच की और सभी लोगों के बयान दर्ज किए। जांच में पुलिस पर लगाए गए सभी आरोप निराधार मिले थे। 19 मई को ट्वीट मामले में पुलिस की तरफ से एफआइआर दर्ज हुई। इस बीच नरेश शर्मा के मकान में एक संस्था चलाने वाले व्यक्ति से उनकी मारपीट हुई व उस प्रकरण में भी थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। डीसीपी का कहना है कि गंभीर आरोप वाले ट्वीट प्रकरण में जांच के बाद ही बृहस्पतिवार को नरेश शर्मा को गिरफ्तार किया गया था।संगठन से करेंगे पुलिस की शिकायत भाजपा महानगर अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि उनके कार्यकर्ता की कोई गलती नहीं थी।

सेक्टर-24 कोतवाली प्रभारी ने व्यक्तिगत रंजिश के चलते कार्यकर्ता का उत्पीड़न किया। बुधवार को कोतवाली प्रभारी से बात की थी, तब कोतवाली प्रभारी ने कहा था कि किराये के इस मामले को आमने-सामने बैठकर हल करा देंगे। इसके बावजूद नरेश को सुबह पांच बजे अपराधियों की तरह 40 पुलिसकर्मी उठाकर ले गए।

कार्यकर्ता की पत्नी रोते हुए घर पहुंची तो उन्होंने खुद कोतवाली प्रभारी को दस बार फोन किया। जब उन्होंने फोन नहीं उठाया तो उच्चाधिकारियों से बात की। हम लोग नरेश से मिलने थाने गए थे, वहां नहीं मिले तब उनकी रिपोर्ट लिखवाने के लिए बैठना पड़ा। पुलिस की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ हम सरकार और संगठन से शिकायत करेंगे।

शारीरिक दूरी की खूब उड़ीं धज्जियां

थाने के बाहर धरने के दौरान कोरोना संक्रमण को लेकर जिले में लागू की गई धारा 144 व शारीरिक दूरी की खूब धज्जियां उड़ीं। सैकड़ों कार्यकर्ता थाने के बाहर धरने पर बैठे रहे। बीच-बीच में नेताओं के तरफ से शारीरिक दूरी बढ़ाने का प्रयास भी किया जा रहा था, लेकिन वह नाकाफी साबित हो रहा था। वहीं थाने के बाहर धरना प्रदर्शन के चलते घंटों वह मार्ग बाधित रहा। डीसीपी ने कहा कि थाने के बाहर हुए धरने की वीडियो रिकॉर्डिंग की गई है। जांच के बाद निर्णय लिया जाएगा।

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