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पडरौना,कुशीनगर : दीपावली की रात पडरौना शहर और ग्रामीण इलाके में जगह-जगह फड़ सज गई । जुए की महफिल सज गए। शहर में जुए की तमाम नई फड़ भी लग गई। पेशेवर जुआरी लाखों रुपये दांव पर लगा रहे थे। पुलिस भी उन्हें शह दे रही थी। दीपावली पर शौकीन लोग भी अपने घरों में ताश के पत्ते फेंट रहे थे।
पडरौना में अपने रिस्क पर कोतवाल के चहते सिपाहियों ने जुआ कराने की ले रखी थी जिम्मेदारी
पडरौना शहर में जुआ तो हरदम होता है। क्राइम ब्रांच और थाने की पुलिस से सेटिंग कर जुए के कई अड्डे शहर में चल रहे हैं। जबकि पडरौना शहर में अलग अलग कस्बा चौकी पर तैनात कोतवाल के चहते चर्चित सिपाहियों ने अपने रिस्क पर जुए के अड्डे संचालित करा ही दिया। इधर दीपावली पर पिछले कुछ दिनों से पडरौना शहर के कई स्थानों पर जुआ शुरू हो गया है। हालांकि इन्हें सीजनल अड्डा कहा जाता है,जो दीपावली बाद बंद हो जाते हैं। जबकि हफ्ते भर में ही इन अड्डों से लाखो-करोड़ों रुपये का वारा न्यारा हो जाएगा।
सबसे बड़ा जुआ अड्डा रामकोला में हो रहा संचालित
मौजूदा समय में सबसे बड़ा जुआ अड्डा रामकोला में बताया जा रहा है। यहां पुराना जुआ का अड्डा होता चला रहा है। पुलिस उस पर हाथ डालने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है,जबकि कहा जाता है कि इस मामले पुलिस ने ही शह नहीं दे रखी है। जुए के इन अड्डों से पुलिस को भी दीपावली की त्योहारी के रूप में मोटी रकम मिल चुकी है इसलिए जुआरियों को पकड़ा नहीं जाता है। वहीं दूसरी ओर धर्मसमधा मंदिर के बगल में दिन भर भारी संख्या में जुआरियों के जमा होने से लोग परेशान हैं। विरोध करने पर वे लड़ाई पर उतारू हो जाते हैं।
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