आगरा। पिता-पुत्र घर में अकेले ही रहते थे. सोनू नौकरी करता था और उसी से दोनों का गुजारा चल रहा था। होतू लंबे समय से बीमार था और ज्यादातर चारपाई पर ही रहता था।
सोनू ही अपने पिता की देखभाल किया करता था। कुछ दिन पहले सोनू का एक्सीडेंट हो गया था जिसके बाद वो भी चारपाई पर आ गया। इसके बाद कुछ दिनों तक पिता होतू ने दोनों के लिए खाना बनाया लेकिन बाद में उसकी हालत भी गंभीर हो गई।
इसके बाद दोनों में से कोई भी खाना नहीं बना सका।बताया जा रहा है कि वे बीमार होने के चलते बिस्तर से ही नहीं उठ सके और इसके चलते घर में खाना नहीं बना। जिससे पहले पिता ने दम तोड़ा और बेटा अधमरे हालत में वहीं पड़ा रहा।
जब पिता का शव सड़ने लगा और घर से बदबू आई तो पड़ोसियों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस वहां पहुंची तो स्तब्घ्ध (हैरान) रह गई। उसने पिता के शव को कब्जे में लिया। बेटे की नब्ज (सांस) चल रही थी तो उसे अस्पताल भिजवाया गया लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
दोनों की पहचान होतू (70 वर्ष) और उनके बेटे सोनू के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि शव को देखने से लगता है कि होतू की मौत हुए काफी दिन बीत गए हैं. वहीं उनके पड़ोसियों ने बताया कि घर में काफी समय से खाना नहीं बना था।
बीमारी के चलते दोनों (पिता-पुत्र) घर से बाहर भी नहीं निकले थे। एसपी सिटी रोहन पी बोत्रे ने बताया कि प्राथमिक जांच और पड़ोसियों से पूछताछ में दोनों की मौत बीमारी के चलते खाना न खा पाने और भूख से होना प्रतीत हो रहा है। इस संबंध में पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही वजह का पता चलेगा। पुलिस ने दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
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