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कुशीनगर। तरयासुजान जहरीली शराब काण्ड के बाद जिस तरह प्रशासन ने कड़े कदम उठाया था, और सरकार ने एसआईटी का गठन कर जो संकेत दिया था। उससे ऐसा प्रतीत होने लगा था, जहरीली शराब काण्ड के सरगना जहां भी छुपा हो उसे वह बाहर निकाल उसे उसके गुनाहों की सजा अवश्य देगी। लेकिन अब जिस तरह प्रशासन के कदम बढ़ रहे है, वह यह बताने के लिए काफी है कि इसमें खेल हो गया है। लिहाज एसआईटी जांच भी इस जहरीली शराब काण्ड से पर्दा उठा पायेगा, को लेकर लोगों में ….?
जनवरी महीने में तरयासुजान थाना क्षेत्र में जहरीली शराब ने ग्यारह लोगों को निगल लिया था। तब मामला सार्वजनिक होने पर हर एक कि आँखे नम हो गयी थी। समाजिक संगठन, राजनैतिक दल एवं प्रशासन ने दुःख व्यक्त करते हुए शराब माफियाओं के चुनौती को स्वीकार कर हर हाल में छोटे कारोबारियों से लगायत सरगनाओं तक को अपने गिरफ्त में लेकर माकूल सजा देने का स्पस्ट संकेत दिया था। इसी क्रम में पुलिस प्रशासन ने एक आरोपी हरेंद्र यादव को राजस्थान से गिरफ्तार कर अपने मनसूबे को साफ कर दिया था। लेकिन इसके बाद उसके कदम इस मामले में एक दम शिथिल पड़ गये। उधर मजिस्ट्रेटियल जांच के दौरान ग्रामीणों ने इस काण्ड से जिस पर्दे को उठाना चाहा, उस तरफ प्रशासनिक कदम बढ़े ही नहीं।
मंगलवार को एसआईटी टीम जांच के क्रम में प्रभावित गांवों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मिला। सबकी बात सुनी और उनके भाव को भी पढ़ा, लेकिन आगे जो हुआ उसे हर कोई पचा नही पा रहा। जागरूक ग्रामीण बताते है कि एसआईटी टीम के सामने अपना व्यान दर्ज कराने के लिए प्रशासन ने चौपाल लगवाया था। उस चौपाल में अधिकतर वही लोग थे जो प्रशासन से कही न कही से जुड़े रहे है। ऐसे में एसआईटी टीम जिन लोगों का व्यान दर्ज की वह ………..?
ग्रामीण और जानकर जहरीली शराब काण्ड के एक एक पर्दे को हटाने को आतुर थे, लेकिन अब तो अवैध शराब के कारोबार के सरगना का चमत्कार कहे या इस काण्ड में सजा पाये अधिकारियों का मैनेज खेल की वह तस्वीर बदलती ही जा रही है।
जो भी हो एसआईटी टीम अभी अपनी जांच रिपोर्ट तैयार करने में लगी है। पीड़ित परिवारों, आम जनता और उस समय तैनात रहे अधिकारियों का व्यान दर्ज कर चुकी है। जब तक वह अपना रिपोर्ट सरकार नही सौप देती, तब तक यह कहना कि अवैध शराब के सरगना बच निकलेंगे, मुनासिब नही होगा, लेकिन जांच प्रक्रिया………?
सूत्रों की माने तो जहरीली शराब काण्ड यानी अवैध शराब के कारोबार के सरगना के पक्ष में माहौल इस लिए भी बन रहा है, कि प्रशासन भी इस काण्ड की सजा भुगत रहा है। वही अवैध शराब का सरगना भी अपने स्तर से मैनेज के खेल अंजाम देने में अपना पूरा जोर सरकार और शासन में लगा रहे है। सूत्र यह भी बताते है कि अगर प्रशासन इस काण्ड के गिरफ्त से बाहर होता तो कब का यह खेल समाप्त हो चुका होता, लेकिन ………?
सब मिलकर आम जनता जो कह रही है, यह उनका अब तक का अनुभव विश्वास के रूप में सामने आ रहा है। लेकिन सच्चाई का पर्दा उठेगा या गिरेगा यह तो एसआईटी जांच के सामने आने के बाद ही पता चल पायेगा।
हरेंद्र से शुरू, हरेंद्र पर खत्म
जहरीली शराब काण्ड के बाद हरकत में आया प्रशासन विभिन्न प्रान्तों में छुपते फिर रहे, अवैध शराब के एक सप्लायर हरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर खूब वाहवाही लुटी। यह काम भी कम तारीफ की नहीं थी, लोगों को लगा अब इस खेल से पर्दा उठाने ही वाला है। लेकिन ……….?
जानकर बताते है, हरेंद्र से शुरू हुआ अभियान फिलहाल हरेंद्र तक ही सिमटता नजर आ रहा है।
कहाँ से हो रहा शराब बरामद
अवैध शराब की लगातार हो रही बरामदगी की कहानी के जल में जनता उलझती नजर आ रही है। अपना नाम न छापने के शर्त पर दर्जन भर ग्रामीण यह कहने से गुरेज नहीं कर रहे कि अगर इस त्रासदी के बाद प्रशासन सख्त है, तो फिर ये शराब का कहा से रहे है। ग्रामीणों की माने तो कच्ची के कारोबार पर अंकुश तो है, लेकिन चल भी वैसे ही रहा है। पुलिस उन सभी जगहों व लोगों को जानती है। जो इस कारोबार में लगे है, जरूरत पर वे अपने कार्यवाही को अमली जामा पहना देते है।
चर्चा में तमकुहीराज चौकी प्रभारी
तमकुहीराज पुलिस चौकी के प्रभारी का बिहार सीमा से रहा नाता भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जानकर बताते है, की साहब जनपद के चर्चित और बगल के थाने पटहेरवा की पुलिस चौकी समउर बाजार में तैनात रहे है। जो शराब तस्करी के लिए जाना जाता है। सूत्रों के अनुसार समउर बाजार और तमकुहीराज पुलिस चौकी की सीमा लगी हुई है।
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