चुनाव आचार संहिता उल्लंघन और दुर्गा पूजा पंडाल समिति विवाद से जुड़े केस में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रयागराज कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। दुर्गा पूजा पंडाल समिति दस साल पुराना मामला है। इसके बाद अब मौर्य जमानत के लिए अर्जी लगाएंगे। इन दोनों ही केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट कर रही है। जिसका गठन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया गया था।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन मामले में प्रयागराज अदालत में समर्पण कर दिया। उनके उपर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़े 2 मामलों सहित 10 साल पुराने दुर्गा पूजा पांडाल समिति में हुए विवाद मामले में केस दर्ज है।
समर्पण करते ही मौर्य के वकील ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दाखिल की है जिसमें कुछ ही देर में सुनवाई होगी। इन दोनों मामलों की सुनवाई स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट करेगी। जिसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गठित किया गया है।
अदालत ने सितंबर 2008 के मामले में उपमुख्यमंत्री के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे, जहां उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई थी कि दुर्गा पूजा समिति के फर्जी कागजात तैयार करने के बाद जनता से धन इकट्ठा किया गया। हालांकि केशव प्रसाद मौर्य के वकील ने दोनों ही आरोपों को गलत बताया है। जोर देकर कहा कि वह अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों द्वारा झूठे मामलों में उन्हें तैयार करके तैयार किए गए थे। बीजेपी नेता का कहना है कि शिकायतें राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं।
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