डार्क जोन में कैसे खिले कमल, इन बूथों पर नहीं BJP की बूथ कमिटी

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New Delhi । भाजपा के सामने सियासी तौर पर महसूस किए जा रहे डार्क जोन में कमल कैसे खिले इसको लेकर चुनौती हैं। वेस्ट यूपी में मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में करीब 4300 बूथ ऐसे हैंए जहां बीजेपी की बूथ कमिटी नहीं बन सकी है। दरअसलए बीजेपी इन दिनों बूथ सम्मान समारोह चला रही है। इस अभियान में बीजेपी के बड़े नेता बूथ कमिटी के सभी सदस्यों का सामूहिक सम्मान कर उनका मनोबल बढ़ा रहे और 2019 फतह के लिए वोट बनवाने के लेकर वोट डलवाने तक का प्रोग्राम दे रहे हैं।

बीजेपी के वेस्ट यूपी संगठन के एक पदाधिकारी के मुताबिकए वेस्ट यूपी के 19 जिलों में 10 नवंबर से 15 नवंबर तक चल रहे अभियान में 19 जिलों के करीब 28 हजार बूथों में से 22 हजार 700 बूथों से अधिक पर कमिटी के चार लाख 76 हजार 700 बूथ वर्करों का सम्मान होना है।

मंत्री अपने जिले में और संगठन के दूसरे बड़े नेता सम्मान समारोह में शिरकत कर रहे हैं। वेस्ट यूपी में फिलहाल 4300 बूथों पर बीजेपी की कमिटी नहीं हैं। ये 4300 बूथ मुस्लिम बाहुल्य माने जाते हैं। बीजेपी वेस्ट यूपी के प्रवक्ता गजेंद्र शर्मा का कहना हैए श्पहले करीब 5300 बूथों पर कमिटी नहीं थी। अब कुछ कमिटी और बन गई हैं। मुस्लिम बाहुल्य करीब 4300 बूथों पर कमिटी बनाने का और लक्ष्य हैं।

बीजेपी का कोशिश है कि इन बूथों पर अपने संगठन अल्पसंख्यक मोर्चाए आरएसएस से जुड़े संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंचए मुख्य संगठन से जुड़े मुस्लिम वर्करों के जरिए कमिटी का सहयोग लिया जाए। तीन तलाकए हलालाए बहु विवाह पर सरकार के रुख से सहमति रखने वाली मुस्लिम महिलाओं और उनके परिजनों के साथ अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए सरकार की चलाई गई योजनाओं के लाभार्थियों को जोड़कर इस इलाके में कमल खिलाया जा सके। भाजपा

इन मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में बीजेपी अगर कमल नहीं खिला सकती है तो फिर सेंधमारी कर विपक्ष की धार को कुंद जरूर कर दे। हर बूथ पर 50 प्लस प्रतिशत वोट हासिल करने के लिए हर बूथ कमिटी में 21 मेंबर शामिल किए गए हैं।

बीजेपी सूत्रों के मुताबिकए हाल में नोएडा और वाराणसी में बीजेपी आईटी सेल की बैठक में सोशल मीडिया वालंटियर्स की रिपोर्ट के बाद बीजेपी ने सूबे के कोने. कोने में वोटर तक दस्तक देने की ठानी है। मीटिंग में शामिल एक पदाधिकारी की मानें तो यूपी में कुछ ऐसा सूदूर हिस्सा है।

जहां अखबार और टेलिविजन चैनल की पहुंच कम हैए इसमें खादर और वन विभाग आदि के इलाकों में बसे गांव हैं लेकिन देखने में आया है कि यहां मोबाइल और इंरनेट का इस्तेमाल किया जा रहा हैं। इसलिए बीजेपी ने सोशल मीडिया वालंटियर्स ऐसे इलाकों से कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे।

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