टेंडर घोटाले में पशुधन विभाग को बदनाम करने की साजिश…

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लखनऊ।पशुधन विभाग में करोड़ों के टेंडर घोटाले के आरोपित अपने प्रधान निजी सचिव रजनीश दीक्षित के कारण चर्चाओं में आए पशुधन विकास राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद ने पूरे प्रकरण से अनभिज्ञता जताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराने की बात कही। रजनीश दीक्षित को रविवार को एसटीएफ ने छह अन्य लोगों के साथ गिरफ्तार किया है।

कूल्हे की हड्डी टूटने के कारण घर पर इलाज करा रहे निषाद ने देर शाम टेलीफोन पर बताया कि उन्हेंं इस मामले की जानकारी दैनिक जागरण से ही मिली है। उन्होंने कहा कि कूल्हे की हड्डी टूटने के बाद गोरखपुर में ऑपरेशन कराया है। वह दो माह से लखनऊ भी नहीं जा सके हैं। ऐसे में पूरे मामले की जानकारी लिए बिना कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। निषाद ने इसे विभाग को और उन्हेंं बदनाम करने की साजिश बताया। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कराने की बात भी कही। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी कहने से इन्कार किया।

गौरतलब है कि पशुपालन विभाग में 214 करोड़ का टेंडर दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये हड़पने के मामले में एसटीएफ ने सात आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास राज्यमंत्री जयप्रकाश निषाद का प्रधान निजी सचिव रजनीश दीक्षित, सचिवालय का संविदा कर्मी धीरज कुमार देव, कथित पत्रकार एके राजीव व खुद को पशुपालन विभाग का उपनिदेशक बताने वाला आशीष राय शामिल है। फर्जीवाड़े का यह खेल वर्ष 2018 में शुरू हुआ था। इसके पीछे एक आइपीएस अधिकारी, राजधानी में तैनात एक इंस्पेक्टर व अन्य पुलिसकॢमयों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। एएसपी एसटीएफ विशाल विक्रम सिंह के मुताबिक पशुपालन विभाग में फर्जी टेंडर के माध्यम से नौ करोड़ 72 लाख रुपये की ठगी की शिकायत मिली थी।

छानबीन के दौरान विभवखंड गोमतीनगर निवासी आशीष राय, राजाजीपुरम निवासी रजनीश दीक्षित, ग्रीनवुुुड अपार्टमेंट गोमतीनगर विस्तार निवासी धीरज कुमार देव और नेहरू एन्क्लेव गोमतीनगर निवासी एके राजीव को गिरफ्तार किया गया है। देर रात एसटीएफ ने कस्बा और थाना खुखुंद जिला देवरिया निवासी निजी चैनल के न्यूज एडीटर अनिल राय, सेठवल रानी की सराय आजमगढ़ निवासी रूपक राय और बख्शी खुर्द दारागंज प्रयागराज निवासी उमाशंकर तिवारी को राणा प्रताप मार्ग से गिरफ्तार किया। अनिल राय ने बताया कि वह आशीष का साथी और संरक्षक है। आशीष राय उसे मोटी रकम मुहैया कराता था। आरोपितों के पास से 28 लाख 32 हजार रुपये के साथ एसके मित्तल के नाम से फर्जी पहचान पत्र व अन्य कागजात बरामद किए गए हैं। मामले की शिकायत बगला नंबर चार, 25 पुरनीता कालोनी बिचोली हप्सी, इन्दौर मध्य प्रदेश निवासी मंजीत सिंह भाटिया ने की थी।

 

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