जल शक्ति मंत्री गनपत सहाय महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव में सम्मिलित हुए

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सरकार सबका साथ,सबका विकास व सबका विश्वास के साथ काम कर रही है-जल शक्ति मंत्री।

रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन

सुलतानपुर। प्रदेश के जल शक्ति मंत्री डाॅ0 महेन्द्र सिंह ने आज अपने जनपद भ्रमण के दौरान गनपत सहाय महाविद्यालय के वार्षिकोत्सव का कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। मंत्री जी ने सर्वप्रथम सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किया। उन्होंने कर्मयोगी पं0 राम किशोर त्रिपाठी व्याख्यानमाला का भी शुभारम्भ किया। इसके उपरान्त पं0 राम किशोर त्रिपाठी (एक और गाँधी) लेखक मृगेन्द्र राज द्वारा पुस्तक का विमोचन किया गया। इसके पश्चात अपने सम्बोधन में छात्र/छात्राओं को भारत के महान अतीत से प्रेरणा लेकर अपने संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण और इसमें गौरव वृद्धि करने की बात कही। विश्व पटल पर भारत की महान उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए डाॅ0 सिंह ने सदैव भारत के सम्मान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश दिया, बाबू गनपत सहाय एवं पं0 राम किशोर त्रिपाठी का अभिनन्दन पत्र पढ़ा।
जल शक्ति मंत्री श्री सिंह ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास के साथ काम कर रही है और विद्यालय के छात्र/छात्राओं द्वारा दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दिये बेचने का नाटक का जो प्रस्तुतीकरण हुआ है। इसका उद्देश्य यह है कि अपने घर में दिये जलने के साथ-साथ गरीबों के घर में दिये जले और हम सब को दीपावली के शुभ त्यौहार पर अपने यहां के बनाये हुए देशी दीप खरीद कर गरीबों के भी रोजगार को बढ़ावा दें, जिससे उनके घर में भी खुशियों का दीप जल सके। यही है हमारे सरकार की मंशा सब का साथ, सबका विकास। उन्होंने कहा कि गनपत सहाय महाविद्यालय का चतुरमुखी विकास हो रहा है। मंच के मध्याम से मैं विद्यालय के प्रबन्धक डाॅ0 ओम प्रकाश पाण्डेय (बजरंगी) को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि महाविद्यालय के विकास के लिये जब कभी भी हमारी जरूरत पड़े, तो हम हर समय मदद करने के लिये तैयार हैं। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार शिक्षा का स्तर उठाने के लिये विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्र/छात्राओं द्वारा प्रस्तुत किया गया स्वागत गीत वन्दे मातरम गीत बड़ा ही सराहनीय रहा है।

इससे पता चलता है कि इस महाविद्यालय के छात्र/छात्राएं सांस्कारिक शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, जो आगे चलकर आई0ए0एस0, पी0सी0एस0, डाॅक्टर, इंजीनियर आदि बनकर अपने घर, जनपद व प्रदेश तथा देश का नाम विश्व में रोशन करेंगे। मंत्री श्री सिंह ने भारतीय धार्मिक परम्परा और संस्कृति के विषय में भी छात्र/छात्राओं को बताया। उन्होंने कहा कि छात्र/छात्राओं को अपने माता-पिता व गुरूजन का सम्मान करना चाहिये, जो छात्र/छात्राएं अपने माता-पिता व गुरूजन का सम्मान नहीं करेंगे वह अपने जीवन में कभी सफल नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की सरकारें युवाओं के विकास हेतु दृढ़संकल्पित होकर कार्य कर रही हैं, क्योंकि जब हमारे युवाओं का विकास होगा, तो निश्चय ही हमारे देश व प्रदेश का विकास हो सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की शिक्षा के क्षेत्र में सर्वोच्च प्राथमिकता है, जिसके दृष्टिगत सरकार बेहतर कार्य भी कर रही है, ताकि हमारा युवा शिक्षित होकर देश व प्रदेश के विकास में अपनी अहम भूमिका निभा सके। कार्यक्रम में महाविद्यालय के अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त खिलाड़ियों को मुख्य अतिथि द्वारा पुरस्कृति किया गया। सम्मानित होने वाले छात्र/छात्राओं में लगभग 500 प्रथम श्रेणी प्राप्त मेधावी रहे। सभी छात्र/छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना करता हँू।
इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्षत आत्माराम मुरारका, प्राचार्य अरूण कुमार श्रिम, गिरीश प्रसाद पाण्डेय, भाजपा जिलाध्यक्ष जगजीत सिंह, उप जिलाधिकारी सदर रामजी लाल, सी0ओ0 सिटी सतीश चन्द्र शुक्ला, सदस्य राज्य महिला आयोग सुमन सिंह, अनीता पाण्डेय, आशीष पाण्डेय, डाॅ0 जयशंकर शुक्ल आदि कार्यक्रम का संचालन डाॅ0 मो0 शमीम ने किया।

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