बस्ती। सरदार पटेल स्मारक संस्थान की बैठक रविवार को संस्थान के सभागार में प्रेमनाथ चैधरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में संस्थान के विकास और छात्रावास में छात्रों को अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बैठक के बाद छत्रपति साहू जी महाराज को उनके जयन्ती पर गोष्ठी के रूप में याद किया गया। महामंत्री डा. वी.के. वर्मा ने कहा कि शाहूजी महाराज बहुजन हितैषी राजा थे जिन्होंने दलित और शोषित वर्ग के दुख दर्द को बहुत करीब से समझा और उनसे निकटता बनाकर उनके मान-सम्मान को ऊपर उठाया। अपने राज्य की गैर बराबरी की व्यवस्था को खत्म करने के लिए देश में पहली बार अपने राज्य में पिछड़ों के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू की। शोषित वर्ग के बच्चों को मुफ्त शिक्षा की व्यवस्था की। गरीब छात्रों के लिए छात्रावास स्थापित किये। साहू जी महाराज के शासन के दौरान बाल विवाह पर ईमानदारी से प्रतिबंध लगाया गया। शाहू जी महाराज ने ब्राम्हण पुरोहितों की जातीय व्यवस्था को तोड़ने के लिए अंतरजातिय विवाह और विधवा पुनर्विवाह कराए। शाहू जी महाराज क्रांति ज्योति ज्योतिबा फुले से प्रभावित थे और लंबे समय तक सत्य शोधक समाज के संरक्षक भी रहे। समाज को उनके इस न्याय प्रियता को अंगीकार करना चाहिये।पूर्व विधायक राजेन्द्र प्रसाद चैधरी ने कहा कि समग्र सामाजिक क्रांति के अग्रदूत शाहूजी महाराज बहुजन प्रतिपालक राजा के रूप में जाने जाते हैं।
वो ऐसे समय में राजा बने थे जब मंत्री ब्राह्मण हो और राजा भी ब्राह्मण या क्षत्रिय हो तो किसी को कोई दिक्कत नहीं थी। लेकिन राजा की कुर्सी पर कोई शूद्र शख्स बैठा हो तो दिक्कत होना स्वाभाविक थी। छत्रपति साहू जी महाराज का जन्म तो कुन्बी (कुर्मी) जाति में हुआ था। ऐसे में उनके सामने जातिवदियों ने बहुत सारी परेशानियां पैदा की। उनके हर समस्याओं का मुखर होकर सामना किया और बहुजन समाज को आदर दिया। गोष्ठी से पूर्व उपस्थित लोगों ने शाहूजी महाराज के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। बैठक और गोष्ठी में शिव सरन चैधरी, प्रेम चन्द्र चैधरी उर्फ पोरस, आर.के. सिंह पटेल, धु्रव चन्द्र चैधरी, ई. राजेन्द्र प्रसाद चैधरी, टी.आर. चैधरी, विजय कुमार चैधरी, चैधरी राजेश निराला, सूर्य प्रकाश चैधरी, डा. सुरेन्द्र प्रसाद, अमरेश चैधरी, शिव प्रसाद चैधरी, दीनबंधु उपाध्याय, हरिराम के साथ ही छात्रावास के छात्रों ने हिस्सा लिया।
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