चौरीचौरा में मात्र 28 फीट ही जमीन है पीडब्ल्यूडी विभाग की
गोरखपुर। गोरखपुर से बलिया तक बनाए जा रहे फोरलेन को लेकर गोरखपुर देवरिया राजमार्ग पर बसे स्थानीय लोगों की निजी मकान तथा जमीन रोड बनाने में आ रहे हैं। विभाग मुआवजा दिए बिना ही पक्के निर्माणों को तोड़ने में लगा हुआ है। चौरा के व्यापारी राजेश लाट निवासी मुंडेरा बाजार की निजी संपत्ति भी गोरखपुर देवरिया राजमार्ग के भोपा बाजार चौराहे पर है। इस संबंध में राजेश लाट ने बताया कि उनकी जमीनें आजादी के पहले से बाप दादाओं की रही है। जिस पर हमारी पीडब्ल्यूडी विभाग से डिग्री है। बावजूद भी चौरी-चौरा तहसील प्रशासन के वर्तमान तहसीलदार द्वारा जबरदस्ती हमारे मकान को तोड़ने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।
राजेश ने बताया कि बुधवार की रात 9 बजे के करीब तहसीलदार महोदय द्वारा हमें फोन कर तहसील में बुलाया गया था। रात को हमें जबरदस्ती नोटिस दिया जाने लगा लेकिन मैंने नोटिस लेने से इंकार कर दिया। कहा कि रात को 9 बजे क्यों तहसील प्रशासन हमें बुलाकर नोटिस दे रहा है जबकि हमारे जमीन पर अपर आयुक्त प्रशासन ने साफ तौर पर लिख कर दे दिया है कि बिना लीगल कार्रवाई के आप मेरा निर्माण नहीं तोड़ सकते अगर तहसील प्रशासन को नोटिस देना है तो हमें लीगल तरीके से नोटिस दिया जाए। राजेश लाट का कहना है कि पीडब्ल्यूडी विभाग और स्थानीय प्रशासन बिना मुआवजा दिए ही चौरी चौरा के लोगों को उजाड़ने पर लगा हुआ है। उन्होंने बताया कि चौरी-चौरा के तमाम लोगों के पास पीडब्ल्यूडी के खिलाफ डिग्री है। पीडब्ल्यूडी विभाग और तहसील प्रशासन अपनी मनमानी के आगे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। ग्राम चौरा में अभिषेक के पक्ष में डिग्री होने के बाद भी प्रशासन ने उसके मकान का पिलर तोड़ दिया अब तहसील प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग उसके मकान को बनवाने के लिए परेशान है।
उन्होंने आगे कहाकि पीडब्ल्यूडी की सड़क राजस्व के नक्शे के अनुसार भोपा बाजार तथा ग्राम चौरा में रोड के बीच से मात्र 28 फीट की है फिर भी प्रशासन सबकी जमीन व मकान जबरदस्ती लेना चाहता है। श्री लाट ने कहाकि अगर प्रशासन ने ऐसी कार्रवाई की तो मजबूर होकर के हमें आमरण अनशन पर बैठना होगा और जब तक माननीय मुख्यमंत्री हम सब की फरियाद नहीं सुनेंगे हम आमरण अनशन पर रहेंगे। जिसकी सारी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
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