फतेहपुर। छुट्टा पशुओं से होने वाले फसल नुकसान और प्रभावित ट्रैफिक व्यवस्था को ठीक करने के लिए अब प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। जानवरों को छुट्टा छोड़ने वाले पशुपालक न सिर्फ चिन्हित किए जाएंगे बल्कि पहली दो दफा पकड़े जाने पर भारी जुर्माना भरकर उन्हें छोड़ दिया जाएगा, लेकिन तीसरी बार फिर यदि इनका जानवर छुट्टा पाया गया तो उन्हें मुकदमा दर्ज कर जेल भी भेजा जाएगा। जिला प्रशासन ने इस व्यवस्था को नये साल से लागू करने के लिए आदेश दिए हैं।
जिले में अन्ना व छुट्टा पशु एक बड़ी समस्या है, जिसके चलते प्रमुख मार्गों में दुर्घटनाओं का जहां ग्राफ बढ़ रहा है। वहीं किसानों की फसलें नहीं बच पा रही है। सरकार भले ही गोशालाएं खोल रही है लेकिन पशु पालकों के गैर जिम्मेदारी वाले रवैये के चलते इसका फायदा नहीं हो रहा। दरअसल पशु पालक अपने दूध वाले जानवरों को शाम को अन्ना कर देते हैं और सुबह शाम घर में बांध कर दूध निकलते है। जिससे कारण यह पशु गोशाला नहीं पहुंच पाते। नतीजा कि पूरे जिले में अन्ना व छुट्टा पशु की बनी हुई। छुट्टा जानवर का आशय यह है कि ऐसे जानवर कुछ समय के लिए पशुपालक जानबूझ कर छोड़ते हैं। जबकि अन्ना जानवर 24 घंटे घर से बाहर रहते हैं। डीएम-एसपी से मिलकर इस समस्या से निजात की रणनीति बनाई है। जिसके तहत अब ऐसे पशु पालकों को चिन्हित कर पुलिस विभाग कार्रवाई करेगा। ऐसा पहली बार हुआ जब गांव-गांव इस काम को अंजाम देने के लिए पुलिस को लगाया गया है।
कौन कहां पर ले सकता है जुर्माना
-डीएम-एसपी ने तय किया है कि निकाय क्षेत्र में यदि ऐसे पशु पकड़े जाते हैं तो उनसे वसूला जाने वाला जुर्माना नगर पालिका और नगर पंचायत के पक्ष में जमा होगा जबकि किसी भी गांव में ऐसे पशु पकड़े जाते हैं तो जुर्माना की राशि ग्राम सभा के पक्ष में जमा की जाएगी। जुर्माना राशि केवल दो बार तक ही मान्य रहेगी, तीसरी बार पकड़े जाने पर पशु पालक के खिलाफ मुकदमा लिखा जाएगा। नुकसान की भरपाई भी लेंगे- एडीएम
एडीएम जेपी गुप्ता ने बताया कि हमने नवंबर माह में यह योजना बना दी थी, दिसंबर तक इसे ट्रायल में रखा गया था। अब नये साल से इसे सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। हम छुट्टा छोड़ने वालों से जुर्माना तो लेंगे ही। अगर उनके पशु के द्वारा किसी किसान का फसल नुकसान हुआ है तो उसकी भरपाई भी पशु पालक के किसान के पक्ष में कराई जाएगी।
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