चिट फंड कंपनियां खुलेआम डाल रही है डाका, सैकड़ो लोगो का 75 करोड़ लेकर रफ्फूचक्कर

चिट फंड कंपनियां खुलेआम डाल रही है डाका, सैकड़ो लोगो का 75 करोड़  लेकर रफ्फूचक्कर

रायबरेली। सलोन कस्बे में 2014-15  क्रेडिबल एग्रोलैंड लिमिटेड कम्पनी ने अपनी शाखा   शुभारम्भ किया था। कम्पनी ने क्षेत्र के सैकड़ो लोगो से अधिक ब्याज का लालच देकर रिकरिंग खाता, फिक्स डिपॉजिट स्कीम के तहत एजेन्टों के जरियें लगभग 75 करोड़ रुपये जमा कराये गये थे। इसके बाद कम्पनी के सभी अधिकारी मार्च 2019 को ऑफिस में ताला जड़ कर रफ्फू चक्कर हो गए।

पांच साल में आरडी और एफडी का पैसा दो गुने से अधिक करने का लालच देकर चिटफंड कंपनी ने क्षेत्र के सैकड़ों लोगों से 75 करोड़ रुपये लेकर फरार हो गई। सलोन में भोली भाली जनता को ज्यादा ब्याज देने का लालच देकर उनकी जिंदगी भर की जमा पूंजी लेकर भाग निकले। न्यायालय के आदेश पर कोतवाली सलोन में एजेन्ट ने कंपनी के क्षेत्रीय प्रबंधक सहित 11अधिकारियों के विरुद्ध धोखधड़ी का मामला दर्ज कराया है।

पुलिस अब कंपनी के अफसर की तलाश में जुट गई है।वही माननीय न्यायलय ने सलोन पुलिस को तत्काल मुकदमा पंजीकृत कर कार्यवाही का निर्देश दिया है। सलोन कोतवाल राम आशीष उपाध्याय ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर क्रेडिबल एग्रोलैंड लिमिटेड कम्पनी के ग्यारह अधिकारियों के विरुद्ध धारा 406, 420 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है।

वही कम्पनी के भागने की सूचना पर निवेशकों में हड़कम्प मच गया। निवेशकों ने घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस 12 मार्च को कम्पनी के एक अधिकारी हरिश्चंद्र मौर्य को पकड़कर थाने लाई। जहां उक्त आरोपी अधिकारी ने एक एजेन्ट से समझौते के तहत एक माह के अंदर लोगों के जमाधन को ब्याज सहित वापस करने की बात कही, लेकिन वह भी समझौते का झांसा देकर गायब हो गया।

इसके बाद कम्पनी के एजेन्ट रविन्द्र कुमार पुत्र राम शरण यादव निवासी मोहद्दीनगर ने न्यायालय की शरण मे जाकर न्याय की गुहार लगाई। सलोन क्षेत्र में चिट फंड कंपनियां खुलेआम डाका डाल रही है लेकिन विभागीय अधिकारी इन फर्जी कंपनियों पर लगाम लगाने में असफल है। पिछले बीस वर्षों की बात करे तो अकेले सलोन कस्बे के निवेशकों से चिट फंड कंपनियों ने करोड़ो रुपये की धोखाधड़ी की है लेकिन किसी भी आरोपी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई बस शुरुवाती जांच तक ही सिमट कर रह जाती है।

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