चारबाग के जाम आगे राजधानी प्रशासन बेबस

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लखनऊ। वैसे तो पूरी राजधानी मेट्रो निर्माण के चलते बेबस हो चला है। यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। खासतौर से चारबाग में तो अवैध वेण्डरों और रोडवेज बसों के चलते चरमराई यातायात व्यवस्था केा बहाल करने में राजधानी प्रशासन बेबस नजर आ रहा है।
चारबाग में रोडवेज बसों की लंबी-लंबी कतारों से राहगीर ही नहीं यात्री भी परेशान है। मुख्य मार्ग पर खड़ी बसें रोजाना जाम की वजह बन गई है। वहीं रोडवेज बस पकड़ने वाले यात्री दोहरी समस्या से जूझ रहे है।

पहला बसों से लगने वाले जाम तो दूसरी जाम में फंसने से यात्रियों की बसें छूट रही है। इस बावत कई शिकायतें की गई। बावजूद आज भी चारबाग में बसों से लगने वाले जाम के झाम से लोग परेशान है।बीती रात ग्यारह बजे चारबाग बस अड्डे से वाराणसी जाने वाली बस जाम में फंस गई। यात्रियों ने बस कंडक्टर को फोन किया तो आधे घंटे में बस प्लेटफार्म पर पहुंचने की सूचना दी गई। बस प्लेटफार्म पर पहुंच गई पर जाम में फंसे यात्री बस अड्डे नहीं पहुंच सके। इस दौरान जो यात्री प्लेटफार्म पर पहुंच गए थे वे बस में सवार हो गए। और बस चारबाग बस अड्डे से वाराणसी के लिए रवाना हो गई। इस बीच काफी संख्या में यात्री छूट गए।

आनन-फानन में बस कंडक्टर को फोन करके बस को तेलीबाग में रूकवाया गया। जहां चारबाग बस अड्डे से ऑटो में सवार होकर यात्री तेलीबाग पहुंचे। वहां से बस में सवार होकर यात्री वाराणसी के लए रवाना हुए। क्षेत्रीय अधिकारी बतातें है कि चारबाग में बसों से लगने वाले जाम को लेकर कई समाजसेवी संस्थाओं ने शिकायत की है। पर मजबूरी है कि बसों को चारबाग आने से रोका नहीं जा सकता। आलमबाग बस टर्मिनल इसी माह से शुरू हो रहा है। वहां बसें शिफ्ट होंगी तभी बसों से लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

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