कौशाम्बी : प्रशासनिक दावे हो रहे फेल, जानकारी के बाद भी अवैध खनन-ओवरलोडिंग पर नहीं रोक

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कौशाम्बी जिला प्रशासन ने ओवरलोड बालू/गिट्टी के ट्रकों के खिलाफ एक्शन लेना शुरू कर दियै है। प्रशासन को इस मामले पर लगातार शिकायतें मिल रही थी। साथ ही ओवरलोड वाहन लोगों की मौत का सबब बन रहे थे। 4 लोगों की मौत के बाद प्रशासन ने मामले पर अब सख्त संज्ञान लिया है। मामले में सांसद विनोद सोनकर की तरफ से संज्ञान लिया गया। जिसके बाद धर पकड़ अभियान चलाया गया। जिसमें पुलिस कर्मियों के साथ परिवहन व खनन विभाग के अधिकारी शामिल रहे। लेकिन इसके बावजूद ओवरलोड ट्रकों की बे रोक टोक आवाजाही  कराने में धंधेबाज पूरी तरह से कामयाब है।
जानकारी ये भी है कि अवैध बालू परिहवन व ओवरलोडिंग की रोकथाम के लिए जिलाधिकारी महोदय के द्वारा अवैध खनन टास्क फोर्स टीम का गठन किया गया। जिसमें शामिल एसडीएम , एआरटीओ , खानन निरीक्षक , सर्किल के सीओ , बी डी ओ , और सम्बंधित सी ओ की टीम बनाकर चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश है साथ ही जरूरत के मुताबिक बल प्रयोग की भी छूट है। इतना सब होने के बावजूद भी जिले के सभी घाटों से हो रहे खनन में लगे वाहन जिला मुख्यालय मंझनपुर की तरफ जाते हुए देखी जा सकती है। जिनके रास्ते में गठित टीम के अधिकारियों के कार्यालय भी हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जाता है। हर रोज सैकड़ो गाड़िया अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग करते हुए जाती हैं जिससे कहीं न कहीं सड़कमार्ग को भी नुकसान हो रहा है।
मामले के संज्ञान में आने के बाद भी रोक न लग पाना कहीं न कहीं प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है और बताता है कि प्रशासन किस तरीके से कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए काम कर रहा है। कहने को तो दावे तमाम हो रहे हैं सांसद, मंत्री और विधायक लगातार कानून व्यवस्था का दावा करते हैं लेकिन दावे का दम अवैध खनन और ओवरलोड वाहन निकाल रहे हैं।

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