इस भ्रष्टाचार मे अधिकारी भी है सहभागी
आगनबाड़ी कार्यकृत्रियो द्वारा आगनबाड़ी केन्द्रो को मनमानी तरीके से चलाया जा रहा है। केन्द्र तभी खुलते है जब किसी जांच अधिकारी या कैम्प लगाया जाता है।बाकी दिनो मे केन्द्र पर ताला लटकता रहता है। उनका कोई सिस्टम नही है न खुलने का न बन्द होने का। आगनबाड़ी कार्यकृत्रियो द्वारा बच्चो के पोषाहार का दुरुपयोग किया जा रहा है बच्चो का पोषाहार पूर्णतया बच्चो तक नही पहुंचता उसे बीच मे ही खत्म कर दिया जाता है जिससे बच्चे तथा गर्भवती महिलाये कुपोषित रह जाते है।
जिससे जच्चा बच्चा दोनो के जीवन पर खतरा बना रहता है और कुछ कुपोषण का शिकार हो जाते है जिस पर उनका जीवन खत्म हो जाता है जिसकी रिपोर्ट साशन तक नही पहुंचाया जाता है। जिससे साशन को सही आंकडा नही मिलता कि कितने बच्चे तथा महिलाये कुपोषण का शिकार हो रहे है तथा माताओ की मृत्यु दर कितनी बढी क्यो मामला गम्भीर होने पर उन्हे बाहर के लिए रिफर कर दिया जाता है।और वहा जाकर उनकी मृत्यु हो जाती है या आप्रेशन से बच्चे को निकाला जाता है जिससे माताओ का जीवन स्तर घटता जा रहा है।इसके लिए छोटे से लेकर बडे अधिकारी तक जिम्मेदरी
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