लखनऊ । केजीएमयू के करीब 800 रेजिडेंटर डॉक्टरों ने मंगलवार सुबह आठ बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। हड़ताल का ऐलान करने वाले सभी चिकित्सक पीजीआई की तर्ज पर वेतन मांग रहे हैं। केजीएमयू रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन का आरोप है कि हड़ताल के बारे में पहले ही सूचना दी गई थी, ।
लेकिन केजीएमयू प्रशासन बात करने आगे नहीं आया। असोसिएशन के मुताबिक, हड़ताल के दौरान इमरजेंसी सेवाएं बाधित नहीं होंगी। इसके बावजूद 4500 बेड वाले केजीएमयू में मरीजों की जांन सांसत में पड़नी तय है।
केजीएमयू रेजिडेंट डॉक्टर्स असोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जितेंद्र कुमार सरोज ने बताया कि ढाई साल से पीजीआई की तर्ज पर वेतन की मांग की जा रही है। इसके लिए तत्कालीन सीएम अखिलेश यादव और वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ तक भी बात पहुंचाई।
चिकित्सा शिक्षा मंत्री और प्रमुख सचिव के साथ बैठक हुई, जिसमें उन्होंने हमारी मांगें स्वीकार कर ली थीं।
इस सम्बंध में वित्त सचिव को निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इसके बाद बढ़े वेतन के सम्बंध में कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
असोसिएशन के उपाध्यक्ष डॉ. गणेश यादव ने बताया कि वेतन बढ़ोतरी के बारे में केजीएमयू प्रशासन से कई बार बात करने की कोशिश की गई, लेकिन अधिकारियों ने नजरअंदाज कर दिया।
असोसिएशन के महामंत्री डॉ. नीरज कुमार मिश्रा ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर दस दिन से काली पट्टी बांधकर काम करते हुए सांकेतिक विरोध जता रहे थे। इसके बाद भी केजीएमयू प्रशासन अनदेखी करता रहा।
केजीएमयू के कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट ने बताया कि हड़ताल के बारे में वार्ता जारी है। सुबह रजिस्ट्रार, वित्त नियंत्रक और सीएमएस शासन से वार्ता करेंगे। सुबह दस बजे तक मामला सुलझने के आसार हैं। इसके बाद भी किसी तरह की समस्या आती है तो अस्पतालों से सीनियर डॉक्टर बुलाए जाएंगे। केजीएमयू में ओपीडी चलेगी। सीनियर डॉक्टर मौजूद रहेंगे। मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।
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