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फतेहपुर: शहर के साथ ही अब गांवों को भी साफ-सुथरा बनाने की मुहिम शुरू हो गयी है। गांवों की मुख्य सड़कों पर कूड़ा या घूर डालने वाले हो या फिर नालियों को अवरूद्ध करने वाले ऐसे लोगों को चिन्हित कर पंचायत स्तर पर जुर्माना लगाया जाएगा। डीएम ने गांवों में साफ-सफाई के लिए पंचायत सचिव, लेखपाल और ग्राम प्रधान को जिम्मेदार बनाया है। कूड़ा डालने वालों व नालियां रोकने वालों से वसूला गया जुर्माना ग्राम पंचायत के पक्ष में जमा होगा और पंचायत इस पैसे को गांव की स्वच्छता के लिए करेंगे।
जिला प्रशासन ने करीब दो माह पूर्व गांवों में घूर हटाने के निर्देश दिए थे, लेकिन दो माह बीतने के बाद भी गांवों की साफ सफाई में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने इस ओर सख्त कदम उठाए हैं, जिसके तहत गांवों में गंदगी के जिम्मेदारों को प्रतिदिन जुर्माना लगाने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम आंजनेय कुमार ¨सह ने कहा कि गांवों में सफाई कर्मचारियों की तैनाती है, लेकिन एक सफाई कर्मी पूरे गांव की गंदगी साफ नहीं कर सकता है, प्रत्येक ग्रामीण को अपने कूड़े के निपटान के लिए स्वयं आगे आना होगा।
उन्होंने कहा गांव के स्कूल, पंचायत घर या ग्राम सभा की सार्वजनिक स्थल उसकी साफ-सफाई कर्मचारी की नैतिक जिम्मेदारी है, लेकिन अपने घर के सामने कूड़ा का निस्तारण व नालियों की साफ सफाई व्यक्ति को स्वयं करनी होगी। खुली बैठक में तय की जाएगी जुर्माना राशि जिला पंचायत राज अधिकारी अजय आनंद सरोज ने बताया कि जुर्माना की राशि तय नहीं की गयी बल्कि पंचायत को जिम्मेदारी दी गयी है कि वह खुली बैठक करके जुर्माने की राशि तय करें और इसका लेखा-जोखा तैयार करने के साथ ही जुर्माना लागू करें। पंचायत अधिनियम के तहत ग्राम सभा अपनी आय बढ़ाने के लिए इस तरह के निर्णय ले सकती है, यह अधिकार पंचायत को एक्ट में प्रदान है।
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