कुशीनगर : सड़क जाम किये ग्रामीणों को पुलिस ने पीट कर खदेड़ा

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उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर जिले के रामकोला थाना क्षेत्र के उरदहा गांव से पिछले 7 दिनों से गायब महिला के मामले में मुकदमा दर्ज किये जाने की मांग को लेकर सड़क जाम कर धरना दे रहे ग्रामीणों को पुलिस ने पीटकर खदेड़ दिया। जिस वक्त पुलिस ने बल प्रयोग किया उस दौरान मौके पर क्षेत्रीय विधायक और एएसपी भी मौजूद रहे। पुलिस की पिटाई से कई ग्रामीणों के साथ साथ सुप्रीम कोर्ट के एक अधिवक्ता का भाई भी घायल हो गया। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया है।
रविवार की सुबह नगर के मुख्य तिराहे पर बगल के गांव उरदहा के सैकड़ों ग्रामीण सड़क जाम कर धरना दे रहे थे। ग्रामीणों की मांग थी कि उनके गांव से 7 दिन पूर्व गायब हुई सुनीता नामक महिला के कथित अपहरणकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो और आरोपियों से गायब महिला के संबंध में पूछताछ की जाए। इसके पूर्व शनिवार को भी भारी संख्या में महिलाएं थाने में पहुंची थी और थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने एक आरोपी युवक को पूछताछ के लिए थाने ले आई जिसके बाद नाराज ग्रामीण वापस चले गए थे।

आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने महिला के ससुर द्वारा दी गयी तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं कर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इससे नाराज ग्रामीण सड़क जाम कर धरने पर बैठ गए। जाम के चलते रामकोला-कसया, रामकोला-पडरौना एवं रामकोला-कप्तानगंज मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। इसी बीच स्थानीय विधायक रामानंद बौद्ध भी पहुंच गए और ग्रामीणों की मांग पर गायब महिला के परिजनों के द्वारा दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज करा दिया। धरना स्थल पर विधायक ने पहुंचकर मुकदमा दर्ज होने की जानकारी ग्रामीणों को दी। इस पर अधिकांश ग्रामीण मान गए और वापस जाने की तैयारी करने लगे।

इसी बीच धरने में शामिल कुछ लोग धरना खत्म करने से आनाकानी करने लगे, जिसको लेकर एक बार फिर माहौल बिगड़ गया। इसी बीच एएसपी पहुंच गए जबकि एसडीएम कप्तानगंज विपिन कुमार पहले ही मौके पर पहुंच चुके थे। एएसपी को देखते ही पुलिसकर्मी तेवर में आ गए और ग्रामीणों को दौड़ा दौड़ा कर पीटने लगे। पुलिस की पिटाई से दर्जनों ग्रामीण घायल हो गए जिसमें अधिकांश महिलाएं शामिल हैं।

घायल महिलाओं में चिड़ाई, मालती देवी, संगीता देवी, रजवंती देवी, किस्मती देवी, मैना देवी, सलहन्ती देवी, मीना देवी, कौशल्या देवी, तारा देवी शामिल हैं। पुलिस की पिटाई से सुप्रीम कोर्ट के वकील आनंद मिश्रा के अनुज शशांक शेखर मिश्रा लहूलुहान हो गए। मामले में पुलिस ने शशांक सहित एक अन्य को हिरासत में ले लिया है। वहीं ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस के साथ साथ भाजपा के कुछ स्थानीय नेता भी ग्रामीणों की पिटाई किए हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश है।

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