कुशीनगर : श्रीकृृृष्‍ण जन्‍माष्‍टमी से शुरू होता हैै डोल मेला,दो महीने तक रहती है धूम

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उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : पडरौना कोतवाली क्षेत्र में पडरौना-रामकोला मार्ग पर स्थित मिश्रौली बाजार में 17 गांवों से डोल जुलूस एक साथ पहुंचता है। इस बार यहां डोल मेला 3 सितंबर को आयोजित है। इसके ठीक अगले दिन 4 सितंबर बड़हरागंज एवं पडरौना में श्रीकृष्ण भगवान का डोल निकाला जाता है। यहां के बाद 5 एवं 6 सितंबर को कसया में डोल निकाला जाएगा। 14 एवं 15 सितंबर को खड्डा के कोहरगड्डी गांव में डोल मेला का आयोजन होगा। इस तरह विभिन्न जगहों पर डोल मेला का यह क्रम लगातार दशहरा तक चलता है। दशहरा के बाद शरद पूर्णिमा को पडरौना से पूरब दिशा में करीब 9 किमी पर बिहार बार्डर के नजदीक स्थित कठकुइयां बाजार में डोल मेला के साथ ही इसका समापन कर दिया जाएगा।
डोल मेला के दौरान ही पहली बार कुशीनगर के 13 गांवों में लगा था कर्फ्यू
कुशीनगर को वैसे तो शांति का प्रतीक माना जाता है। मगर यहां भी वर्ष 2004 में प्रशासनिक चूक से हालात बिगड़े और नौबत यहां तक आ पड़ी कि पडरौना और रामकोला क्षेत्र के 13 गांवों में पहली बार कर्फ्यू लगानी पड़ी थी। इन 13 गांवों में पडरौना क्षेत्र के मिश्रौली विश्राम पट्टी, सिरसिया दीक्षित, अधार छपरा, चन्दरपुर, बड़हरागंज, सुसवलिया, सउआडीह, बहादुरगंज, रामकोला क्षेत्र के पटेरा मंगलपुर, पकड़ियार, सवनहां, मेहदीगंज व सनेरामल छपरा गांव शामिल रहे।

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