उन्होंने कहा कि जनमानस में यह विचार आता है कि युगपुरुष बलराम हेडगेवार यदि संघ की स्थापना नहीं किए होते तो आज देश की स्थिति कुछ और होती। उन्होंने कहा कि संघ शाखा के माध्यम से अपने स्वयं सेवकों के जिन गुणों को उतारना चाहती है उसमें धरती हमारी मां है, इस पर बसने वाले जितने भी लोग है सभी बंधु-बांधव हैं। इस धरती पर पेड़ -पौधे, पशु- पक्षी एकत्व भाव से इसमें समाहित है। हिंदुओं का यही परम वेदांत दर्शन भी है।
श्री मुकेश विनायक ने कहा कि संघ ने देश में आदर्श से प्रेरित नैतिक व्यक्तित्व की पृष्ठभूमि तैयार कर भारत को विश्वगुरु के सिंहासन पर बैठाने के लिए समाज को प्रेरित की। अब इस देश को विश्व गुरु के सिंहासन पर बैठने से कोई नहीं रोक सकता।संघ कोई नारा नहीं लगाता उसे आत्मसात करता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व विधायक मदन गोविन्द राव ने कहा कि धन, ऐश्वर्य ,मान-प्रतिष्ठा सभी कुछ हमें समाज से प्राप्त हुआ है।किसी से कुछ लेकर,न लौटाना कृतघ्नता है।
जो कुछ भी समाज से प्राप्त हुआ है ,वह समाज के चरणों में समर्पित कर देना ही गुरु दक्षिणा है। परम्परा के प्रतीक परम पूज्य भगवा ध्वज का पूजन कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई। इस दौरान नगर थानाध्यक्ष राहुल कुमार सिंह, नगर कार्यवाह सत्यपाल गोविन्द राव,प्राचार्य जगताशरण गुप्त,डॉ0 जीपी राव, उमाशंकर राय,आनंद मिश्रा,अमावस गोंड,प्रेमचंद मद्धेशिया, ओमप्रकाश तिवारी,बलरामरौनियार,नागेश्वर पाण्डेय,राम औतार केडिया, संघ के राजकिशोर सिंह,तारकेश्वर गोविंद राव,अमरेन्द्र तिवारी,निशांत शुक्ला, प्रशांत श्रीवास्तव,नागेन्द्र वर्मा आदि मौजूद रहे।
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