कुशीनगर : यूरिया के साथ नींद की गोलियां मिला कर बनाई जाती है कच्ची शराब

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पडरौना,कुशीनगर : आबकारी विभाग या प्रशासन को पता नहीं लेकिन खरीददार जानते हैं ‘कच्चा माल’ कहां मिलेगा। सस्ती अवैध शराब बनाने का कारोबार कुशीनगर में ग्रामीण क्षेत्रों में फलफूल रहा है। कच्ची शराब के कारोबारी नशा बढ़ाने के लिए इसमें ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन से लेकर यूरिया,नींद की गोलियां तक मिला रहे थे। कुशीनगर जनपद के तारे हैं सुजान थाना क्षेत्र के तरया सुजान जहवी दयाल समेत आसपास के गांवों में जहरीली शराब से ग्यारह लोगों की मौत हो गई थी। वर्तमान में आधा दर्जन से अधिक से अधिक इसी जय ली शराब के मामले में गंभीर विकार की चपेट में आने से जिला अस्पताल में भर्ती हैं। कुशीनगर में अवैध शराब से हुई मौतों के बाद’ जनसंदेश टाइम्स अखबार की पत्रकार उपेन्द्र कुशवाहा की पड़ताल में रविवार को ऐसी कई जानकारियां सामने आईं हैं।
खुलेआम धधक रही भट्ठियां मिला रहे यूरिया
कुशीनगर जनपद के तरयासुजान थाना क्षेत्र के जहवी दयाल गांव के इलाके में काफी अर्से से कच्ची शराब बनाने का अवैध कारोबार फल-फूल तो रहा ही था वहीं,अब पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के विभिन्न ईट भट्टों के अलावा कुबेरस्थान थाना क्षेत्र सहित जटहा बाजार में ‘कुटीर धन्धे’ में तब्दील होता जा रहा है। पडरौना नगर के रेलवे स्टेशन के अगल-बगल में लोगों द्वारा करीब एक दर्जन कच्ची शराब बेचने का कारोबार हो रहा है। कोतवाली पडरौना थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों की मानें तो सेमरिया हनुमानगंज गांव के सेमरिया बाजार परसौनीकला गांव में परसौनी टोला व पांडे पट्टी टोला  सहित आसपास के गांव में कच्ची शराब खूब बिक रही है। एक कारोबारी के मुताबिक कच्ची शराब को अधिक नशीला बनाने के लिए उसमें यूरिया व डाई खाद, सस्ती नींद की गोलियां व दुधारू पशुओं को लगाया जाने वाला प्रतिबंधित आक्सीटोसिन इंजेक्शन तक मिलाया जाता हैं। यही कारण है कि इन वस्तुओं की मात्रा अधिक हो जाने के चलते इस शराब को पीने वाले की जान भी जा सकती है।
थाने तक लाकर छोड़ दिये गए हैं कई कच्ची के आरोपी
कुशीनगर जनपद के पडरौना कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्रामीण इलाके में पूर्व में हुए कच्ची शराब के कारोबारियो पर आबकारी व कोतवाली पडरौना पुलिस लगाम नही लगा पा रही जबकि थाने से पांच सौ मीटर की दूरी पर मौत का कारोबार फल फूल रहा है। इन गांव में सिधुआ बाजार से सटे आधा दर्जन गांव दर्जनों में चोरी-छिपे फल फूल रही हैं।
 स्थानीय लोगों का आरोप है कि चाहे आबकारी पुलिस व पडरौना कोतवाली पुलिस इन कच्ची कारोबारियों को पकड़ने के बाद  थाने पर लाकर छोड़ दिये गए हैं । 

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