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पडरौना,कुशीनगर : रामनवमी का महापर्व शनिवार को श्रद्धा,भक्ति और उल्लास के वातावरण में मनाया गया। इसके साथ ही वासंतिक नवरात्र का व्रत भी संपन्न हो गया। श्रद्घालुओं ने हवन-पूजन से एक तरफ शक्तिदायिनी मां दुर्गा की आराधना के साथ नवरात्र का व्रत पूरा किया तो दूसरी ओर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम के जन्मोत्सव पर जगह-जगह श्रीराम के जयघोष गूंजते रहे। नवरात्र व्रत का पारण सोमवार को होगा।
गुरुवार की देर रात से ही पर्व का उत्साह दिखने लगा। महिलाएं आधी रात से ही रामनवमी की पूजा-अर्चना में जुट गई थीं। स्नान-ध्यान करके पकवान बनाए गए और सूर्योदय से पहले ही भगवान राम को समर्पित किया। सुबह होते ही चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि को लेकर मंदिरों में गहमागहमी बढ़ गई। मां दुर्गा के गीत गूंजने लगे। श्रद्घालु पूजा की थाली के साथ मंदिरों में पहुंचे और मां की आराधना की। उसके बाद विधि पूर्वक हवन कर नवरात्र का व्रत पूरा किया। नवरात्र की पूजा के समापन के बाद एक बार फिर श्रद्घालु श्रीराम जन्मोत्सव मनाने में जुट गए। सुबह से लेकर शाम तक घर-घर में पूजा-पाठ, नौ कन्याओं का पूजन,भजन-कीर्तन और भंडारे का क्रम जारी रहा।
कुशीनगर में खिरकिया स्थान मंदिर पर गूंजे घंटे घड़ियाल
पडरौना। चैत्र नवरात्र के अंतिम दिन जिले के मंदिरों पर दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं का दिन भर तांता लगा रहा। व्रतीजन सपरिवार आस्था केंद्रों पर पहुंचे और आरती-पूजन के साथ प्रसाद चढ़ाकर मां भवानी से सर्व मंगल मन्नतें मांगी। पडरौना नगर स्थित दुर्गा मंदिर वह बुढ़िया माई का स्थान के अलावा खिरकिया स्थित देवी मंदिर में काफी संख्या में श्रद्घालु पहुंचे। दान-पुण्य के लिए लंबी कतार दिन भर लगी रही। खिरकिया मंदिर में नौ कुवांरी कन्याओं को मां दुर्गा का प्रतीक मानकर पूजा-अर्चना की गई।
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