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रिपोर्ट उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : यह फोटो.बीयर बार,गोवा, अमेरिका,इग्लैंड का नहीं बल्कि पडरौना के डोल जुलूस में आयोजित रंगारंग कार्यक्रम के दौरान नृत्यांगनाओं का है.जो छोटे छोटे कपड़ों में लाज,हया को बेचकर बेपर्दगी के हुश्न की नुमाइश कर रहीं थीं । छतों के मुडेर से श्रीकृष्ण की विविध मनोहारी झांकियों को देखने वाली महिलाओं/युवतियों की निगाह जब इन पर पड़ती तो शर्मिंदगी से वे नजरें फेर ले रहीं थीं ।
रात भर सैंया हमार बढ़े टैम्परेचर.बिल्ली में किल्ली लगा के भुलइला राजा जी.तु ढेर जनी सट ना त टहकी ज ईबा,बारूद जैसन भक से भड़क जईबा,हमरी जवनिया के धधकता हीटर.आजु नापब तोहार गरमी लगा के थर्मामीटर.जैसे भोजपुरी,फूहड़,अश्लील गीतों पर पडरौना के डोल जुलूस में नाचने वाली नृत्यांगनाओं ने कोर्ट,कानून,सरकार व पुलिस की धज्जियां उड़ाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ा.चौकानें वाली बात यह रही कि जिन पुलिसकर्मियों को ऐसे कार्यक्रमों को रोकना चाहिए था वे इस अश्लीलता भरे नाच को मजे लेकर देखते रहे ।
और अखाड़ा समिति और नगरपालिका प्रशासन पर तो उंगली उठाना ही गुनाह है । क्योंकि धर्म भक्ति और राष्ट्र भक्ति में शायद सब कुछ जायज है ।
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