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उपेन्द्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : जिले के सेवरही क्षेत्र के मठिया भोकरिया गांव में मंगलवार की देर रात पुलिस ने छापेमारी कर 300 करोड़ की ठगी के आरोपित के घरवालों को उठा लिया। यहां के चार भाइयों ने बरेली में एक रीयल स्टेट कंपनी बनाकर निवेशकों का तीन सौ करोड़ रुपए डकार लिया और वहां से चंपत हो गए। बरेली शहर में ठगी के शिकार हुए चार निवेशक मंगलवार को आरोपितों की तलाश करते उनके घर पहुंचे थे और उन्हीं की सूचना पर पुलिस ने मुख्य आरोपित के पिता व चचेरे भाई को हिरासत में लेकर छानबीन करते हुए बरेली पुलिस को खबर कर दी है।
मठिया भोकरिया निवासी राजेश मौर्य अपने तीन सगे भाइयों मनोज, दिनेश व अजय मौर्य के साथ बरेली के मुख्य शहर में आफिस खोलकर श्री गंगा इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रीयल स्टेट कंपनी संचालित करता है। उस रीयल स्टेट कंपनी का एमडी खुद राजेश है, जबकि उसका भाई मनोज मौर्य डायरेक्टर है। उसके दो अन्य भाई कंपनी के कर्मचारी के रूप में अपनी सेवा देते थे। राजेश मौर्य के साथ उसके गाव का अमित मौर्य सहयोगी के रूप में कार्य करते हुवे ग्राहकों से रुपये जमा कराता था। कंपनी के कर्मचारियों की बदौलत कुछ ही वर्षो में ग्राहकों के लगभग 300 करोड़ रुपये जमा हो गए थे।
कुछ दिनों से कंपनी के प्रति इन चारों भाइयों की गतिविधियों से अमित मौर्य, अन्य निवेशकों व कर्मचारियों को संदेह होने लगा था। विगत 7 जुलाई को राजेश मौर्य कंपनी में कार्य करने वाले परिचारक को गेट के ताले की चाबी देते हुए बताया कि वह भाइयो संग किसी कार्यवश दिल्ली जा रहा है। फिर निवेशकों को जब शक हुआ तो उनकी खोजबीन शुरू हुई। पता चला कि आरोपित कुशीनगर के सेवरही थाना क्षेत्र के मठिया भोकरिया के रहने वाले हैं और मौजूदा समय में घर पर ही हैं। निवेशकों के संपर्क साधने पर बात नही होने पर उन्हें फर्जीवाड़ा का शक गहराने लगा। निवेशकों ने बरेली में राजेश मौर्य के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। बरेली पुलिस को राजेश का अंतिम लोकेशन गोरखपुर व कुशीनगर में ही मिला था।
वहीं दूसरी ओर इस फर्जीवाड़े से आहत अमित मौर्य तीन अन्य निवेशकों जयदेव, लालबहादुर व धर्मवीर गुर्जर को साथ लेकर मठिया भोकरिया पहुंच गया। आरोपित राजेश मौर्य के पिता ने घटना की जानकारी के बाद मंगलवार की रात राजेश व अन्य भाइयों के आने पर बातचीत करने पर जोर दिया। लेकिन पहले से गायब राजेश के साथ ही उसके अन्य भाई भी बातचीत करने की जगह भाग निकले। इसके बाद मंगलवार की रात बरेली से आए निवेशकों ने डायल 100 पुलिस को फोन कर इस घटना की जानकारी दी और डायल 100 पुलिस के जवानों ने घटना की जानकारी करने के बाद सेवरही एसओ को इसकी जानकारी दी। मौके पर पहुंची सेवरही पुलिस ने आरोपितों के पिता रामदवन मौर्य व चचेरे भाई रामकिशोर को हिरासत में लेकर बरेली पुलिस से संपर्क साधा। इस संबंध में एसओ सेवरही अरविन्द कुमार का कहना रहा कि ठगी का यह बड़ा मामला लग रहा है। जांच-पड़ताल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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