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रिपोर्ट उपेंद्र कुशवाहा
कुशीनगर। चुनाव पर शराब की मांग ने अवैध कारोबारियों का हौसला बढ़ा दिया है, कारोबारी विभिन्न मार्गों से अवैध शराब की बड़ी खेप बिहार प्रान्त के साथ ही सीमावर्ती विभिन्न गांवों में पहुँचा रहे है। चुनाव के रंग में अपने अवैध कारोबार के जरिये अधिक धन कमाने की इच्छा ने बहुतों को अपने रंग में रंग दिया है। ऐसे में अवैध शराब के कारोबार पर अंकुश लगाने का दावा दिखावा ही साबित हो रहा है ।सनद हो कि जहरीली शराब काण्ड के बाद आलाधिकारी अवैध शराब के कारोबार को लेकर सख्त नजर आ रहे है, लेकिन उनके मातहत अवैध कारोबारियों के तरह ही कम समय में अपनी धाक जमाने को उतावला दिख रहे है। सूत्र बताते है कि हाल ही में जिला पुलिस मुख्यालय से नीलामी में लिए गए ब्रज वाहन भी रात के अंधेरे में गतिमान रहता है। उक्त ब्रज वाहन को किसने नीलामी लिया था यह अलग बात है, लेकिन उसके परिचालन का काम पुलिस क्षेत्राधिकारी तमकुहीराज के यहाँ तैनात पुलिस कर्मी के द्वारा कराया जाता है।
जानकर बताते है कि जीस तरह से इथाइल एवं मिथाइल अल्कोहल के खेप आ रहा है, और उसे सीमावर्ती गांवों के साथ बिहार प्रान्त में पहुँचाया जा रहा है, वह जहरीली शराब काण्ड को दोहनाने के लिए काफी है। जानकारों के अनुसार इथाइल और मिथाइल अल्कोहल से जीस तेजी में कच्ची तैयार कर उसकी सप्लाई की जा रही है वह जहर से कम नहीं है। तमकुहीराज पुलिस सर्किल पूरी तरह से बिहार सीमा से जुड़ा है। सर्किल के तरयासुजान एवं पटहेरवा थाना क्षेत्र के छोटी बड़ी सात से आठ दर्जन ऐसे मार्ग है जो सीधे बिहार को जोड़ते है। जिसकी जानकारी पुलिस और आबकारी विभाग दोनों को है।जबकि सेवरही,विशुनपुरा एवं बरवापट्टी थाना क्षेत्र भी बिहार प्रान्त से जुड़े है।
पटहेरवा थाना क्षेत्र के रकबा, समउर बाजार, टीकमपार, बरईपट्टी, नरहवा, बदुराव, बाढू चौराहा, इंद्रा बाजार, बनकटा तो तरयासुजान थाने के डिबनी, सरया, टड़वा, बहादुरपुर, तिनफेडिया, मठिया श्रीराम, सिसवा बाजार, बिरवट आदि क्षेत्रों में कच्ची शराब का कारोबार होली को लेकर अपने पूरे शबाब पर है। सूत्रों की माने तो इस अवैध शराब के कारोबार के पीछे सिर्फ अवैध कारोबारियों का ही हाथ ही नही है, इनके ऊपर स्थानीय स्तर पर अवैध कारोबार को रोकने की जिम्मेदारी निभा रहे लोगों का भी हाथ बताया जा रहा है।
होली के रंग में अवैध शराब का कारोबार के पीछे पटहेरवा, तरयासुजान, सेवरही थाने पर तैनात कुछ लोगों की मेहरवानी ही कहे कि इस चुनाव में आलाधिकारियों के सख्ती के बाद भी चुनाव में अवैध शराब के कारोबार ने रंग जमा रखा है। सूत्र बताते है कि बीते एक सप्ताह के अंदर सेवरही, पटहेरवा व तरयासुजान थाना क्षेत्र में कुछ अवैध कारोबारी पकड़े गये, सोसल मीडिया पर धूम भी खूब मचा, लेकिन रात के अंधेरे में सब कुछ साफ हो गया। सूत्रों पर विश्वास करे तो तमकुहीराज व समउर बाजार पुलिस चौकी की पुलिस ने बीते दो दिन पहले अवैध शराब की छोटी मात्रा पकड़ी थी, लेकिन उजाला होते होते सब साफ हो गया।
एक कार्यक्रम में एक अधिकारी ने स्वीकार किया कि बिहार प्रान्त को जाने की सैकड़ो मार्ग बड़ी समस्या के तरह सामने है। फिर भी पुलिस अपने अभियान को जारी रखते हुए बड़ी बरामदगी कर अवैध शराब के कारोबार के जड़ को उखाड़ने में लगी है।
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