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पडरौना,कुशीनगर । संसदीय क्षेत्र कुशीनगर सीट को लेकर त्रिकोड़िय संघर्ष दिख रहा है,भाजपा से विजय दुबे को प्रत्याशी बनाया गया है।लेकिन वर्तमान सांसद का टिकट काट कर प्रत्यासी बनाया गया है।विजय दुबे पहले हिन्दू युवा वाहिनी कुशीनगर से जिला संयोजक रहे।उन्होंने जनपद कुशीनगर में हिन्दू युवा वाहिनी को नई ऊंचाई दिया है।निश्चित रूप से हिन्दू युवा वाहिनी की टीम उनके साथ है।लेकिन बीच मे कांग्रेस में भी रहे विजय दुबे खड्डा के विधायक कांग्रेस से ही रहे।बाद में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की मतलब साफ है।दल बदलने का आरोप इन पर भी है।
भाजपा और हिन्दू युवा वाहिनी के लोगो को एक साथ ले कर चलना एक चुनौती भी है।जंहा भाजपा के लोग सबका साथ और सबके विकास की बात करते है वही हिन्दू युवा वाहिनी सिर्फ और सिर्फ हिन्दू की बात करता है और अपने पुराने नेता को पाकर उत्साहित बहुत अधिक है।विजय दुबे पहले भी सांसद का चुनाव लड़ चुके है।
कांग्रेस पार्टी ने आरपीएन सिंह पर पुनः दांव लगाया
कांग्रेस ने पूर्व गृह राज्य मंत्री एव पेट्रोलियम मंत्री कुंवर रतंजीत प्रताप नारायण सिंह पर पुनः दाव लगाया है।2014 के मोदी युग मे भी सिंह ने करारी टक्कर दी थी।मृदुभाषी और सरल व्यवहार के सिंह की पैठ सभी जाति और समाज में है।उन्होंने अपने कार्य काल में सड़को की जाल,पेट्रोल पंप और गैस एजेंसी की भरमार तथा पडरौना में ही सेना की भर्ती कराकर बड़ा काम किया है।स्वस्थ्य के क्षेत्र में भी जिला चिकित्सालय में बड़ा प्लांट एव नवकी विमारी के नाम पर किया है।सिंह को अन्य जातियों के अलावा अगर मुस्लिम समुदाय देखेगा की आरपीएन सिंह भाजपा को टक्कर दे रहे है तो अपना रुख उनके तरफ भी मोड़ सकता है।मुस्लिम वोटरों की संख्या कुशीनगर लोक सभा में अधिक है।सैथवार और कुर्मी विरादरी का वोट भी आरपीएन सिंह को पहले से भी मिलता आया है।
पहले अलग-थलग लड़ चुकी सपा-बसपा अब घर वापसी की तरह कर रही है बातें गठबंधन से वजूद में आई सपा+बसपा पार्टी से सपा के प्रदेश सचिव नथुनी कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया गया है। एनपी कुशवाहा पहले विधान सभा और सांसद का चुनाव लड़ चुके है।लेकिन जीत का सेहरा अभी तक नही मिल पाया है। 2017 के विधान सभा चुनाव में खड्डा से सपा से टिकट मांग रहे थे और परिश्रम भी किया था ।लेकिन आखिरी में उन्हें टिकट नही मिला तब बालेश्वर यादव के लड़के विजेंद्र पाल उर्फ बबलू यादव को टिकट मिला।इस बार एनपी कुशवाहा को अपने विरादरी का लाभ मिलने जा रहा है। यंहा तक कि भाजपा के जो परंपरा गत वोट कुशवाहा विरादरी में रहे है वो भी नथुनी कुशवाहा के साथ जुड़ने की कवायद सुने जा रहे है।एक लाभ उनको और मिलेगा इसके पहले सपा और बसपा दोनो से एनपी कुशवाहा चुनाव लड़ चुके है।इस नाते दोनो पार्टियां अब घर वापसी जैसी बातें कर रही है। समीक्षा के रूप में यह आंकड़ा गलत नही कहा जा सकता है कि कुशीनगर लोकसभा सीट जीतने के लिए भाजपा की राह आसान नही है।
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