घटना का खुलासा होने में जितना ही विलंब हो रहा है परिजन बेहाल होते जा रहे हैं। ज्ञातव्य हो कि उक्त गांव निवासी सुनील तिवारी पत्रकार गत 6 अक्टूबर की रात शस्त्र बदमाशों ने धावा बोलकर पत्रकार के घर लूटपाट किये, घटना के 19 वें दिन पुलिस के साथ पहुंची दो सदस्यीय टीम पहले पत्रकार के घर पहुंच परिजनों से पुछताछ किया उसके पश्यचात बदमाशों का मशीनरियां से लोकेशन लेने के बाद जहाँ बदमाशों ने सूटकेस व बाक्स तोड़े थे वहां पहुच घटों तक जांच पड़ताल करने के बाद अपनी रिपोर्ट सम्बंधित अधिकारी को सौंप दी है।
घटना की रात पत्रकार पडरौना से घर पहुंचे और भोजन करने के उपरांत वह परिजनों सहित अपने कमरे में सोने चले गए ,इनकी माता दूसरे कमरे में सोई हुई थी रात लगभग 1 बजे खटर पटर की आवाज सुन पत्रकार की मां की नींद खुली तो उन्होंने शोर मचाना चालू कर दिया था,शोर सून जब पत्रकार अपने बिस्तर से उठ कर दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो वह बाहर से बंद था शोर सुन पहुंचे लोगों ने बाहर से दरवाजा को खोल कर उन्हें बाहर निकाला। इस दौरान बदमाशों ने सोने चांदी के जेवर कीमती कपड़े पचास हजार नकदी व जेवरात सोने चांदी का लूट ले गए थे ,वही कागजात से भरा वाक्स उठा ले गये,और एक धमकी भरा पत्र भी छोड़ गये। जिसमें एक मुकदमे संबंधित कागजात थे लेकिन कागजात से भरी पेटी घटना के तीसरे दिन पत्रकार के घर से डेढ़ किलोमीटर की लगभग दूरी पर सरेह में फेका पाया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस छानबीन शुरू कर दिया डॉग स्क्वायड टीम के साथ पुलिस 2 दिनों तक लगातार बदमाशों का पता सुराग लगाने के लिए गहन छानबीन किया ।इस मामले में कई लोगों को उठा कर पूछताछ भी कर रही है ,पूरा परिवार सदमे में है ,पुलिस प्रशासन ने पीड़ित पत्रकार के घर दो कांस्टेबलों की सुरक्षा की दृष्टि से ड्यूटी भी लगा रखा है लेकिन अब तक इस घटना का खुलासा नहीं हो सका है।कार्यवाही कागजों में सिमट कर रह गयी है।इस घटना का खुलासा अबतक नहीं होने से परिजन दहशत जदा है। इस संबंध में पूछे जाने पर कोतवाल विजय राज सिंह ने बताया कि पुलिस खुलासे के करीब पहुंच चुकी है जल्द ही घटना का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।
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