कुशीनगर : बौद्ध संग्रहालय व विपश्यना (ध्यान) केन्द्र का पुनरोद्धार होगा। वर्ल्ड बैंक के प्रो पुअर प्रोजेक्ट के तहत इन दोनों स्थलों के विकास पर रविवार को हुई स्टॉक होल्डर्स की बैठक में मुहर लग गई। वर्ल्ड बैंक इसके लिए बजट देगा। पर्यटन विभाग वहां होने वाले कार्यों का डीपीआर तैयार कराने में जुट गया है। क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवीन्द्र कुमार मिश्रा ने बताया कि बौद्ध संग्रहालय पर करीब 15 करोड़ व विपश्यना केन्द्र पर 3.5 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।
कुशीनगर में पर्यटन विभाग की छह एकड़ जमीन में से कुछ हिस्से में बौद्ध संग्रहालय व विपश्यना केन्द्र का निर्माण कराया गया था। दोनों स्थलों के आसपास भरपूर हरियाली है। बौद्ध संग्रहालय में बौद्धकालीन प्रतिमाएं, शिल्प, खनन से निकले तमाम तरह के वास्तुशिल्प व शिलालेख संरक्षित हैं। विपश्यना केन्द्र तो जंगल के बीच बना है। पुरातत्व विभाग ने कुछ महीने पहले इन दोनों महत्वपूर्ण स्थलों के पुनरोद्धार की योजना तैयार कर केन्द्र सरकार को प्रस्ताव भेजा था मगर बजट नहीं मिला था। कुछ दिन पहले पुरातत्व विभाग ने पुनरोद्धार से हाथ खड़े कर लिए। तब पर्यटन विभाग ने वर्ल्ड बैंक से बात की। वर्ल्ड बैंक के प्रो पुअर प्रोजेक्ट के तहत मिले फंड से मथुरा व दो अन्य स्थानों पर पर्यटन विकास के कार्य चल रहे हैं। प्रोजेक्ट के लोगों के साथ क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी व कुशीनगर जिला प्रशासन ने दोनों स्थलों का निरीक्षण करने के बाद रविवार को स्टाक होल्डर्स की बैठक बुलाई थी।
कुशीनगर में हुई स्टॉक होल्डर्स की मीटिंग में डीएम के अलावा प्रोजेक्ट की निदेशक शालिनी महाजन समेत अन्य अधिकारी व क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवीन्द्र मिश्रा मौजूद थे। पुरातत्व विभाग के भी स्थानीय अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने दोनों स्थलों के पर्यटन विकास की योजनाओं पर मुहर लगा दी। इसके बाद पर्यटन विभाग डीपीआर तैयार करने में जुट गया है। इस बजट से संग्रहालय भवन की मरम्मत, परिसर में लाइटिंग, टाइल्स लगाने व अन्य सुविधाएं बहाल की जाएंगी। विपश्ना केन्द्र का भी जीर्णोद्धार कराया जाएगा। आसपास लाइटिंग व पार्किंग की व्यवस्था होगी। सड़कें बनाई जाएंगी। पास के दोनों पोखरों का सुंदरीकरण कराया जाएगा।
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