कुशीनगर : किसानों का करोड़ों रूपये डकारने वाली पडरौना चीनी मिल की नीलामी का तिथि तय

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उपेंद्र कुशवाहा
पडरौना,कुशीनगर : पडरौना चीनी मिल की नीलामी दर्जनों बार हो चुकी है,जिसे निरस्त करना पड़ा है। पिछली बार खुशबू भारती ने इस चीनी मिल की नीलामी लेकर किसानों व मजदूरों के अंदर आस जगा दिया था कि अब उन्हें बकाए गन्ने के करोड़ों रुपए का भुगतान मिल जाएगा , लेकिन उनके मनसा पर पानी फिर गया और उस नीलामी को निरस्त करना पड़ा ।फिर 22 अक्टूबर को होगी। चीनी मिल के कलपुर्जों का कीमत 49.11 व मिल की जमीन 4.419 हेक्टेयर की कीमत 19 करोड़ 80 लाख का मूल्यांकन हुआ है। ऊंची बोली बोलने वालों को ही मिल की मशीनरी व जमीन मिलेगी। इस मिल की नीलामी प्रक्रिया इसके पहले भी एक दर्जन बार हुई लेकिन बाद में निरस्त करना पड़ा था।
पिछली बार खूशबू भारती फर्जी दिया था फर्जी चेक
एसडीएम ने पत्र जारी कर कहा है कि जेएचवी शुगर मिल्स लिमिटेड ( पूर्व नाम कानपुर शुगर वर्क्स लिमिटेड पडरौना ) की कुर्क शुदा चल अचल सम्पत्ति का विवरण का मूल्यांकन कराया गया है। इसमें चीनी मिल के मशीनरी की कीमत 49.11 करोड़ तथा भूमि की कीमत 19.80 करोड़ है। चल व अचल सम्पत्ति की कीमत 68 करोड़ 19 लाख रुपए है। नीलामी प्रक्रिया 22 अक्टूबर को सुबह दस बजे निर्धारित की गई है। नीलामी बोलने वाले लोगों को अपना पैन कार्ड, आधार कार्ड आदि मूल दस्तावेज जमा करना होगा।

नीलामी के समय ऊंची धनराशि बोलने वाले व्यक्ति को नीलामी धनराशि का एक चौथाई तत्काल जमा करना होगा। नीलामी की विस्तृत जानकारी पडरौना तहसील में पहुंच कर एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार से की जा सकती है।पिछली बार खुशबू भारती ने नीलामी में शामिल होकर कंपनियों में लखनऊ की शोभित शुगर एंड पावर डिस्टिलरी प्राइवेट लिमिटेड ने दूसरी बार भी सर्वाधिक बोली लगाकर तहसील प्रशासन का फैसला अपने हक में करा लिया था।

प्रशासन की तरफ से निर्धारित चीनी मिल की कुल संपत्ति की अनुमानित कीमत उस समय 61.31 करोड़ से भी अधिक 61.50 करोड़ रुपये बोली लगाई थी। इस कंपनी की चेयरमैन ने नीलामी स्थल पर ही 25 करोड़ रुपये का चेक जमा किया था। शेष रकम उन्होंने 15 दिनों के अंदर भुगतान करने की बात कही थी।

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