कांग्रेस में उत्साह उत्तर प्रदेश के उपचुनाव परिणामों से

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लखनऊ। प्रदेश में कांग्रेस भले ही उपचुनाव में एक भी सीट न हासिल कर सकी हो लेकिन अकेले लड़ने वाली कांग्रेस के वोट प्रतिशत में बढ़ोत्तरी देखी गई है। इस परिणाम से पार्टी में एक आस जगी है। सहारनपुर की गंगोह सीट और कानपुर गोविन्द नगर में पार्टी का संघर्ष कांग्रेस को मजबूत बनाता दिखा है। गगोह सीट पर विजेता पार्टी भाजपा को 30.41 प्रतिशत वोट मिले। जबकि कांग्रेस को 28 प्रतिशत वोट मिले जो 2017 में मिले वोट से पांच प्रतिशत ज्यादा है। इसी प्रकार गोविन्द नगर विधानसभा में कांग्रेस को 32.43 प्रतिशत वोट मिले। जबकि 2017 के चुनाव में उसे 22.02 प्रतिशत मत मिले थे। यहां कांग्रेस के मत प्रतिशत में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 6.25 फीसदी वोट मिले थे। लोकसभा चुनाव में हार के बाद प्रियंका गांधी को मिले प्रभार के बाद से पार्टी में जान सी आ गई है। उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी ने आंदोलनों और विरोध प्रदर्शन का बखूबी सहारा लिया और इससे जनसंपर्क बढ़ाने में उसे अच्छी सफलता मिली।

प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं की सक्रियता की बदौलत कांग्रेस ने 11.49 फीसदी वोट पाया है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के विधानसभा उपचुनावों में कांग्रेस सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत बढ़ाने वाली पार्टी बनी है।

राजनीतिज्ञ विश्लेषकों की मानें तो प्रियंका के चुनाव प्रचार में जाए बिना ऐसे परिणाम आए हैं। अगर प्रियंका और नई टीम थोड़ी ताकत से लड़ती तो परिणाम कुछ और होते। यह बात इसीलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि लंबे समय से कांग्रेस का प्रदेश में संगठनात्मक ढांचा न के बराबर है। फिर अच्छे प्रतिशत आने से पार्टी के अन्दर नई आस जग गई है। कांग्रेस भले ही एक भी सीट पर जीत न दर्ज कर सकी हो। इस तरह की विपरीत परिस्थितियों में पार्टी का प्रदर्शन सियासी स्थिति में बदलाव लाने का संकेत जरूर दे रहा है।

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