कनपुरिया कलम से कोरोना को हराने की कोशिश, दावा- पैंडेमिक 2020 है विश्व का पहला उपन्यास

कानपुर देश-दुनिया में फैला कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जागरूकता की मुहिम चल रही है, इन सभी के बीच भारत में एक लेखन ने अपनी कलम से कोरोना को हराने की कोशिश की है। कानपुर के लेखक ने कोरोना महामारी पर उपन्यास लिखकर न सिर्फ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराया है बल्कि दावा है कि उनका पैंडेमिक-2020 कोरोना महामारी पर आधारित विश्व का पहला उपन्यास है। उनकी इस उपलब्धि से शहर का मान बढ़ा है।

कनपुरिया कलम से कोरोना को हराने की कोशिश, दावा- पैंडेमिक 2020 है विश्व का पहला उपन्यास
कानपुर के यश तिवारी ने कोरोना महामारी पर पहला उपन्यास लिखकर इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराकर शहर का नाम नोशन किया है।

चार देशों पर कोरोना के असर को शब्दों में पिरोया

कोरोना महामारी पर आधारित पहला उपन्यास लिखकर चर्चित होने वाले यश के खाते में एक और उपलब्धि दर्ज हो गई है। 30 दिन में चार देशों पर कोरोना के असर को कनपुरिया कलम से शब्दों में पिरोकर उपन्यास का रूप देने वाले यश तिवारी को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान मिला है। हर्ष नगर निवासी सुनील कुमार तिवारी के बेटे यश ने कोरोना से संघर्ष की गाथा पैंडेमिक-2020 महज 30 दिन में लिखकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं। 18 वर्षीय यश दो साल पहले ए सेलिब्रेशन इन ट्रिब्यूलेशन किताब लिखकर चर्चित हुए थे। इसके लिए उन्हें कर्मवीर चक्र अवॉर्ड मिल चुका है।

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