एसडीएम कार्यालय के बाहर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की दी धमकी

[object Promise]

रिपोर्ट योगेंद्र गौतमघर के सामने जबरन अवैध रूप से गुमटी रख कब्जा किये भू माफ़ियाओ के आगे एसडीएम सदर नतमस्तक हो गए। शिकायतकर्ता और उसके भाई नें सुनवाई न होने पर और बार -बार प्रताड़ित किये जाने से ऊबकर एसडीएम सदर के कार्यालय के बाहर आत्महत्या करने की धमकी दी। वही इस मामले के बाद भी एसडीएम सदर गैरजिम्मेदाराना बयान देकर मामले की गम्भीरता को नही समझ रहे। जानकारी के अनुसार उक्त मामला जनपद उन्नाव के अचलगंज थाने के ग्राम भवानी खेड़ा का है ।

जहा रमेश पुत्र भगवानदीन ग्राम के मकान के सामने से कोरारी व जमुका मार्ग से अडेरुवा मार्ग हेतु सड़क गुजरती है। जहाँ मार्ग के सहन में बेचेलाल पुत्र मोहन निवासी भवानी खेड़ा ने एक गुमटी उसकी बॉस कोठी को काटकर जबरदस्ती रख ली । जब शिकायतकर्ता रमेश ने जब इसका विरोध किया तो वह तरह-2 की गलियां देकर गुमटी नही हटाने की बात कही। जिस पर ग्राम प्रधान आदि को इक्क्ठा करके पंचायत भी कराई गई । किन्तु वह पंचायत की भी बात मानने को तैयार न हुआ। और झगड़ा करने पर आमादा हो गया। जिस पर शिकायतकर्ता रमेश ने तत्काल थानाध्यक्ष अचलगंज को लिखित शिकायत की थी। जिस पर थाना पुलिस ने तत्काल आरोपियों को गुमटी हटाने का सख्त निर्देश किया था।बावजूद इसके गुमटी उक्त दबंग बेचेलाल ने नही हटाई । जिसकी शिकायत शिकायतकर्ता रमेश ने जनसुनवाई पोर्टेल में की थी। जिस पर अचलगंज थाने के उपनिरीक्षक अर्जुन कुमार ने गाँव जाकर गुमटी हटवाने की फर्जी रिपोर्ट लगाकर आख्या प्रेषित कर दी। जबकि गाँव में उपनिरीक्षक अर्जुन कुमार गए नही और गांव में उक्त दबंगो ने अवैध रूप से दुकान रास्ते मे कब्जा करके शिकायतकर्ता के ऊपर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे है।शिकायतकर्ता रमेश ने बताया कि विपक्षी बेचेलाल और उसकी पत्नी बोलती है थाने में रुपया पहुँचा दिया है। गुमटी नही हटेगी जबकि अचलनगंज थाने के उपनिरीक्षक अर्जुन यादव की फर्जी रिपोर्ट काफी हद सच्चाई बया कर रही है।इसके बाद पीड़ित ने थाना दिवस में दो बार एसडीएम उन्नाव को शिकायती पत्र दिया पहली बार लेखपाल गांव गया और सुविधा शुल्क की बात की जिस पर पीड़ित ने अपनी ग़रीबी का हवाला दिया कहा हम रुपये न दे सकते और कहा कि साहब मेरी समस्या का हल निकाल दो। थाना दिवस में एसडीएम सदर को दो बार शिकायती पत्र देने के बाद उपरोक्त समस्या का कोई हल न निकल पाना दर्शाता है कि भरस्टाचार किस तरह व्यापत है ।आज जब सम्बन्धित विभाग के अधिकारी गाँव पहुँचे तो उल्टा ही शिकायतकर्ता के ऊपर चुप रहने और गुमटी न हटवाने की बात कही बोले बगल से निकल जाओ। वही शिकायतकर्ता रमेश ने आरोप लगाते हुए बताया कि अवैध गुमटी रखे हुए बेचेलाल ने बिचौलिए के जरिये सुविधा शुल्क लेखपाल को दे दिए थे ।जिसका बटवारा उक्त के बीच हुआ और जिसकी वजह से उसकी कोई सुनवाई न हो रही है। मजबूरीवश उसको आत्महत्या करने का बीड़ा उठाना पड़ रहा है। ।अब तो एसडीएम सदर के शिकायत का समाधान न करने पर पर पीड़ित भाइयो ने एसडीएम कार्यालय के बाहर मिट्टी का तेल डालकर आत्महत्या करने की धमकी दी। जबकि इस मामले में पूर्व में एसडीएम सदर ने थाना दिवस में शिकायत का निस्तारण करने का आस्स्वाशन देकर मामले को ठंडे बस्ते में डालने की कोसिस की।
एसडीएम सदर का तुगलकी बयानजब सोशल मीडिया में वायरल हो रहे आत्महत्या के वीडियो के बारे में पत्रकार ने एसडीएम सदर से जानकारी की तो एसडीएम सदर ने गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि आत्मदाह के लिए सभी स्वतंत्र है जो चाहे वो करे। वही जिले के एक जिम्मेदार अधिकारी का इस तरह का बयान देना किसी भी सूरतेहाल में सही न है। अगर शिकायतकर्ता कोई भी इस तरह का कदम उठाता है तो कौन इसका जिम्मेदार होगा यह एक बड़ा सवाल है जिला प्रशाशन के लिए।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *