उप्र में महिलाओं ने निभाई अपहरण के 2 मामलों में अहम भूमिका

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपहरण के दो हाई-प्रोफाइल मामलों में महिलाओं की भूमिका आपराधिक घटनाओं में महिलाओं की भागीदारी को दर्शाती है। कानपुर के लैब टेक्नीशियन संजीत यादव का अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने पीड़ित परिवार से फिरौती का भुगतान करने के लिए कहा। हालांकि पुलिस पैसे और अपहृत व्यक्ति दोनों को लाने में नाकाम रही। इस मामले में एक युवती प्रीति शर्मा की गिरफ्तारी हुई है।
प्रीति को अन्य आरोपियों में से एक की पत्नी बताया गया है, जिसने उस घर को किराए पर लिया था, जहां संजीत को बंधक बनाकर रखा गया था।
इतना ही नहीं, प्रीति ने संजीत के घर की रेकी भी की थी और फिर शक से बचने के लिए पड़ोसियों और मकान मालिक से बातचीत भी की।
सूत्रों के अनुसार, प्रीति को फिरौती में से हिस्सा देने का आश्वासन दिया गया था। वह अपना बिजनेस शुरू करना चाहती थी, इसलिए वह इस साजिश में शामिल हो गई।
इसी तरह गोंडा में एक गुटखा व्यापारी के आठ वर्षीय बेटे के अपहरण के मामले में मुख्य आरोपी सूरज पांडे की पत्नी छवि पांडे ने भी अपराध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
छवि ने ही परिवार को कॉल करके 4 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी और पैसे न दिए जाने की सूरत में लड़के को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
क्राइम ब्रांच के एक अधिकारी ने कहा कि पूछताछ के दौरान छवि ने खुलासा किया कि उन्होंने लड़के के शरीर को काटकर नदी में फेंकने की योजना बनाई थी। खैर, पुलिस लड़के को वापस लाने में कामयाब रही और आरोपियों की भी गिरफ्तारी हो गई।
जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरफ्तार लोगों ने खुलासा किया है कि इस अपहरण की साजिश छवि ने रची थी।
एक वायरल ऑडियो क्लिप में छवि को यह कहते हुए सुना गया है, “यदि आप ठीक से नहीं सुन पा रहे हैं, तो मुझे बताएं। आपके बेटे का अपहरण कर लिया गया है। 4 करोड़ रुपये की व्यवस्था करें, मैं शाम तक आपको फिर से फोन करूंगी और आप केवल ‘हां या ना’ में जवाब देंगे।”
इतना ही नहीं, वह विकास दुबे प्रकरण का भी हवाला देते हुए कहती है कि पुलिस उनकी मदद नहीं कर पाएगी, इसलिए पुलिस से संपर्क करना व्यर्थ होगा।
छवि ने पुलिस को बताया है कि उसे लॉकडाउन के दौरान पता चला था कि गुटखा व्यापारी हरि कुमार गुप्ता कर्नलगंज में एक कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना बना रहा था।
बाद में छवि ने अपने पति सूरज से अपने दोस्तों दीपू कश्यप और उमेश यादव से बच्चे के अपरहण में मदद करने के लिए कहने को उकसाया।
पुलिस के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक ने कहा, “यह एक नई घटना है जब महिलाएं अपराध में फ्रंट लाइन का रोल निभा रही हैं। पुलिस को भी जांच को लेकर अपना ²ष्टिकोण बदलना होगा। साथ ही इस चौंकाने वाले मुद्दे पर शोध होना चाहिए। दोनों मामलों में महिलाएं युवा हैं।”

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