रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
सुल्तानपुर।।पत्रकारिता पहले भी जिंदा थी ,और आगे भी रहेगी।पत्रकारिता पेशा नही एक जुनून है।लोकतंत्र की मजबूती के लिये निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। जीवन मे चुनौती नही तो आनंद कैसा?यह बातें हिंदुस्तान अखबार के उप सम्पादक एवं वरिष्ठ पत्रकार दिनेश दुबे ने कही।श्री दुबे हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को बतौर मुख्य वक्ता के रूप मे पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे।यूपी जर्नलिट्स एशोसिएशन “उपजा”की ओर से आयोजित कार्यक्रम को वरिष्ठ पत्रकार मनोराम पांडेय ने सराहनीय पहल बताया और अपने अनुभव एवं दो दशक पूर्व और मौजूदा।

दौर की पत्रकारिता में आये बदलाव पर विस्तार से प्रकाश डाला।विशिष्ठ अतिथि पूर्व डीएफओ राम दुलार पाठक ने पत्रकारों को समाज का सजग प्रहरी बताया।कहा की समाज के प्रत्येक लोगों को इसी चौथे स्तंभ पर ही पूर्ण विश्वास एवं उम्मीदें है।हालांकि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एवं शोशल मीडिया का एक दौर चल पड़ा है फिर भी प्रिंट मीडिया की महत्ता को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता।कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार सिंह,डॉ सूरज वैश्य,प्रमुख व्यवसायी एवं समाज सेवी आलोक आर्य, एएमडी के चेयरमैन धर्मेंद्र सिंह, पत्रकार अनुराग द्ववेदी, मनोज शर्मा,श्याम चन्द्र श्रीवास्तव, विजय पांडेय ,ज्ञानेन्द्र सिंह रवि,कर्मराज शर्मा तुकांत, केशव प्रसाद मिश्रा, पवन मिश्र,सुधा सिंह,आदि पदाधिकारियों ने सम्बोधित किया।इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन किया।उपजा संघटन के जिलाध्यक्ष अनिल द्विवेदी ने कार्यक्रम के अंत मे आये हुए सभी अतिथियों एवं प्रत्येक तहसील के प्रभारियो को अंग वस्त्र एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया।
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