आसान नहीं था रसोई से मिसेज इंडिया तक का सफर

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अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सम्मानित हुई वनिता अरोड़ा

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर गुरुवार को राजधानी में मिसेज इंडिया प्लेनेट वनिता अरोड़ा ने मिसेज इंडिया के अनुभवों को सांझा किया। एक मध्यमवर्गीय परिवार की गृहणी वनिता के लिए ये सफर आसान नहीं रहा और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच समय निकाल कर अपनी प्रतिभा को निखारना वास्तव में एक जटिल प्रक्रिया है।

वनिता बताती है कि बचपन से सौन्दर्य प्रतियोगिताओं को लेकर उनमें बड़ा जोश रहा और कई प्रतियोगिताओं में भाग लेने के बाद मेहनत एवं लगन काम आई जब मिसेज इंडिया प्लेनेट की विनर बनने का मौका मिला।

डायरेक्टर विक्रम राव ने बताया कि गत फरवरी में दमन में प्लेनेट ग्रुप ने मिसेज इंडिया प्रतियोगिता का आयोजन किया था। जिसमें भारतीय, वैस्टर्न और गाउन परिधानों के तीन राउंड आयोजित किए गए थे जिसमें 45 गृहणियों ने भाग लिया था।

राजधानी में नाका हिंडोला की रहने वाली वनिता अरोड़ा ने महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि घरबार के काम निपटाने के बाद हर महिला को अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष करना चाहिए जिससे कि उनका व्यक्तित्व विकसित होता रहे।

फुटवियर व्यवसाई की पत्नी तथा दो बच्चों की मां वनिता गृहस्थी में पति का हाथ बंटाने के लिए एक सैलून चलाती है और उनके कदम अभी थमे नहीं बल्कि वह मिसेज एशिया के बाद मिसेज वर्ल्ड तक का सफर तय करना चाहती है।

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