आखिर क्यों धड़ाधड़  गिरने लगे दुकानों के शटर ?

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By सत्यप्रकाश मद्धेसिया
महाराजगंज। सीमावर्ती क्षेत्र ठूठीबारी सहित गड़ौरा में एसडीएम निचलौल देवेंद्र कुमार व स्वास्थ्य विभाग के निचलौल सीएचसी अधीक्षक डॉ. डी एन सिंह , बरिष्ट परामर्श डेटा डी एन प्रसाद की संयुक्त टीम ने दिन गुरुवार को ठूठीबारी कस्बे में अवैध रूप से प्रैक्टिस कर रहे झोलाछाप डॉक्टरों व पैथोलॉजी सेंटर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान धड़ाधड़ शटर गिरने लगा कस्बे में हड़कंप मच गया।

व्यापारियों में हड़कंप मच गया आखिरकार छापेमारी किस प्रकार की दुकानों में हो रही है। टीम ने सबसे निचलौल -ठूठीबारी मार्ग पर स्थित अंश क्लीनिक पर पहुची। क्लीनिक पर अमरदीप गुप्ता मिले। कागजात मांगने पर कोई संतोष जनक जबाब नही दे सके। दूसरी छापेमारी मॉर्डन क्लीनिक पर हुई जहा मौजूद अमरनाथ चौधरी ने अपने आप को फार्मासिस्ट बताया लेकिन कागजात मांगे जाने पर नजरे चुराने लगे। तीसरी चर्चित जेपी हास्पिटल जिसे कंचन अस्पताल भी कहा जाता है।

अस्पताल तो खुला मिला लेकिन वहां कोई स्टाफ मौजूद नही मिला ।छापेमारी की सूचना पर पहले ही फरार हो गए। चौथा कार्यवाही एस के पैथालॉजी पर हुई लेकिन छापेमारी की सूचना से वह दुकान बंद कर फरार। पांचवीं यथार्थ पैथालॉजी पर झा शटर बन्द मिला। छठी कार्यवाही रफिल मंसूरी की डॉक्टरी की दुकान पर हुई। इनके पास बिहार की सर्टिफिकेट तो थी लेकिन रजिस्ट्रेशन महराजगंज में ना होने के कारण अभिलंब रजिस्ट्रेशन करा कर क्लीनिक चलाने की हिदायत दी गई। सातवी कार्यवाही संजीव डेंटल क्लीनिक कोतवाली रोड पर हुई जहा कोई मोजूद नही मिला।

आठवीं पूर्वान्चल डेंटल क्लीनिक में बैठे डॉ. खुर्शीद आलम से वैध कागजात मांगने पर वह दिखा नही सके जिनको वैध कागजात के साथ निचलौल बुलाया गया है।यहा के बाद टीम गड़ौरा पहुची जहा पाल क्लीनिक में बैठे डॉ. डी एन पाल मिले उन्होंने अपना डिग्री कागजात दिखाया जिस पर टीम संतुष्ट दिखी पर रजिस्ट्रेशन ना करवाने के कारण उन्हें रजिस्ट्रेशन कराने की चेतावनी दी गई। इस मौके पर कोतवाल बृजनंदन सिंह अपने हमराहियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से तैनात रहे।

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