अयोध्या । रामघाट स्थित सुप्रसिद्ध पीठ तपस्वीजी की छावनी के महंत परमहंसदास एक अक्टूबर से रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण के लिए आमरण अनशन करेंगे। यह एलान उन्होंने अपने आश्रम पर मीडिया से बात-चीत करते हुए किया। उन्होंने कहा, मंदिर निर्माण को लेकर भाजपा सरकार से बड़ी उम्मीद थी पर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
ऐसे में मंदिर निर्माण के लिए सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने को आमरण अनशन के अलावा कोई अन्य चारा नहीं बचा है। महंत ने कहा, मंदिर बनेगा या राम का नाम लेते-लेते मर जाऊंगा। वे एक अक्टूबर को अपने आश्रम के सामने ही आमरण अनशन शुरू करेंगे। इस मौके पर दशरथगद्दी के महंत बृजमोहनदास, रामजन्मभूमि मंदिर निर्माण समंवय समिति के अध्यक्ष आचार्य नारायण मिश्र, अयोध्या मंगलम के संयोजक आचार्य वरुणदास आदि मौजूद रहे।
इन लोगों ने आमरण अनशन के एलान को स्वागतयोग्य बताया। कहा, मौजूदा केंद्र एवं प्रदेश सरकार से बहुत उम्मीदें थीं पर इन सरकारों ने मंदिर से जुड़ी उम्मीदों को अनदेखा किया है। युवा परमहंसदास गत वर्ष ही तपस्वीजी की छावनी जैसी अहम पीठ के महंत बनाए गए हैं। इसके बाद से वे राममंदिर के लिए बराबर आवाज बुलंद करने वालों में शुमार रहे हैं। मंदिर के लिए बेकरारी के विपरीत सु्प्रीम कोर्ट में राममंदिर के पैरोकार नाका हनुमानगढ़ी के महंत रामदास ने धैर्य बरतने की सलाह दी है।
उन्होंने कहा, ऐसा कोई कारण नहीं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अविश्वास व्यक्त किया जाय। उन्होंने कहा, जब मोदी के रहने से मुस्लिम देशों में मंदिर निर्माण हो रहा है तो अयोध्या में मंदिर निर्माण की उम्मीद दूर की कौड़ी नहीं रह गई है। महंत रामदास ने कहा, मंदिर मोदी के दिल में है और वक्त आने पर वे समुचित पहल करेंगे।
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