उत्तर प्रदेश । अगर आप बड़े सपने देखते हैं और उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, तो कोई भी लक्ष्य हासिल करना असंभव नहीं होता। यह बात एक बार फिर उत्तर प्रदेश के छोटे से गांव की 17 वर्षीय सुदीक्षा भाटी ने सच कर दिखाई है। सुदीक्षा के पिता चाय बेचते हैं और उन्हें अमेरिका के नामी कॉलेज में पढ़ाई करने के लिए 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली है।
सुदीक्षा दादरी के धूम मानिकपुर गांव में रहती है। यहीं उसके पिता की एक छोटी-सी चाय की दुकान है। पिता की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। इसलिए साल 2009 में सुदीक्षा पर स्कूल छोड़ने पर दबाव पड़ा, लेकिन उसने हालात के आगे हथियार नहीं डाले। कड़ी मेहनत जारी रखी और आज सुदीक्षा ने अपना सपना पूरा कर लिया है। सुदीक्षा अब अगले चार साल तक अमेरिका के नामी बैबसॉन कॉलेज में पढ़ाई करेगी और इसका पूरा खर्च एक संस्था उठाएगी।
सीबीएसई कक्षा 12वीं में बुलंदशहर जिले में 98 प्रतिशत अंकों के साथ टॉप करने वाली सुदीक्षा इन दिनों अपने अमेरिका के वीजा का इंतजार कर रही है। सुदीक्षा की प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में ही हुई। लेकिन प्रतिभा की धनी सुदीक्षा को पहले जवाहर नवोदय विद्यालय और 2011 में विद्याज्ञान अकादमी में दाखिला मिला, जहां उन्हें 12 वीं तक बिना किसी खर्च के पढ़ने का मौका मिला। विद्याज्ञान लीडरशिप अकादमी आर्थिक रूप से पिछड़े प्रतिभाशाली छात्रों की मदद करती है। इसी संस्था ने सुदीक्षा की प्रतिभा को पहचाना और उसे उड़ने के लिए पंख दिए।
सुदीक्षा के साथ-साथ विद्याज्ञान अकादमी के तीन और छात्रों को इस संस्था के द्वारा स्कॉलरशिप प्रदान की गई है। बुलंदशहर से बैबसॉन तक के सुदीक्षा के सफर को अगर देखें तो ये किसी कहानी की तरह लगता है। लेकिन सुदीक्षा ने इस कहानी को जिया और कड़ी मेहनत के दम पर अपना मुकाम हासिल किया। अब सुदीक्षा को कभी पीछे मुड़कर देखने की शायद ही जरूरत पड़े। सुदीक्षा के संघर्ष की दास्तान कई और लड़कियों को बड़े सपने देखने के लिए जरूर प्रेरित करेंगे।
सीबीएसई 12वीं की परीक्षा में जिला टॉप किया, 98 फीसद अंक किए हासिल
बता दें कि शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा बुलंदशहर में विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी का संचालन किया जाता है, जहां गरीब परिवार के बच्चों को नि:शुल्क शिक्षा दी जाती है। वर्ष 2011 में सुदीक्षा का चयन वहां के लिए हुआ था। हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की 12 की परीक्षा के परिणाम में सुदीक्षा ने 98 फीसद अंक हासिल किए थे। इसके साथ उसने जिला टॉप भी किया था। सिकंदराबाद के दुल्हेरा गांव के विद्या ज्ञान स्कूल की छात्रा सुदीक्षा 12वीं में अंग्रेजी विषय में 95, इतिहास में 100, राजनीति विज्ञान में 96, भूगोल में 99, अर्थशास्त्र में 100 अंक हासिल किए हैं।
सपना हो गया सचः सुदीक्षा
स्कूल की तरफ से स्कॉलरशिप के लिए अमेरिका में आवेदन किया गया था। जहां से स्कॉलरशिप दी गई है। सुदीक्षा का कहना है उनका सपना सच हो गया। कोर्स करने के लिए वह अगस्त में अमेरिका रवाना होंगी। इतनी बड़ी स्कॉलरशिप मिलने से सुदीक्षा के परिवार व गांव के लोगों में खुशी है।
सरकारी स्कूल से की पढ़ाई, अभाव में भी नहीं मानी हार
सुदीक्षा ने पांचवीं तक की पढ़ाई गांव के ही प्राइमरी स्कूल से की है। पढ़ाई में अच्छी होने के चलते उसने पिता जितेंद्र को जवाहर नवोदय विद्यालय और विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी के लिए तैयारी करने को राजी किया। इसके बाद प्रवेश परीक्षा दी और फिर चयनित होकर विज्ञान लीडरशिप एकेडमी में 12वीं तक की पढ़ाई मुफ्त में की।यहां पर बता दें कि विद्याज्ञान लीडरशिप एकेडमी शिव नाडर फाउंडेशन द्वारा संचालित की जाती है। यह फाउंडेशन उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप मुहैया कराता है।
वहीं, सुदीक्षा भाटी को अमेरिका के बॉबसन कॉलेज से 3.8 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिलने की खबर मिलते ही बुधवार को दादरी के विधायक तेजपाल नागर ने उनेक घर पहुंचकर सुदीक्षा को बधाई दी। तेजपाल नागर ने कहा कि ढाबा चलाने वाले की बेटी ने अपनी मेहनत व विलक्षण प्रतिभा के बल पर अमेरिका में स्कॉलरशिप जीतकर माता-पिता व गांव का नाम रोशन किया है।
उन्होंने कहा कि सुदीक्षा ने गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई कर इतनी बड़ी उपलब्धि प्राप्त की है, इससे ग्रामीण क्षेत्र की अन्य लड़कियों को भी प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बाद भी जितेंद्र भाटी ने बेटी को पढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। सुदीक्षा भाटी का उत्साह वर्धन करते हुए विधायक ने कहा कि सुदीक्षा जैसी बेटी समाज का गौरव है, समाज को ऐसी होनहार बेटी से सीख लेनी चाहिए।
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