अमेठी: पलटने से बची वाराणसी-लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस, हिचकोले खाने लगी ट्रेन, कूद कर भागे यात्री

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रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन/हर्ष यादव

अमेठी। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर ट्रैक पैकिंग कार्य में बरती गई लापरवाही की वजह से मंगलवार शाम लखनऊ से वाराणसी जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस बेपटरी होने से बची। ट्रेन लड़खड़ाने से यात्रियों में हड़कंप मच गया। यात्री ट्रेन से कूदने लगे तो चालक व गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोक दी। स्टेशन अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।गौरीगंज रेलवे स्टेशन पर इन दिनों रेल लाइन दोहरीकरण, प्लेटफार्म उच्चीकरण व उपरिगामी पैदल पुल निर्माण के चलते सभी ट्रेनों को प्लेटफार्म संख्या दो से संचालित किया जा रहा है।कार्यदायी संस्था की ओर से कराए जा रहे इन कार्यों के बीच विभाग की ओर से प्लेटफार्म संख्या दो के ट्रैक की पैकिंग व लिफ्टिंग कराई जा रही है। सेक्शन इंजीनियर रेल पथ बिना ब्लॉक किए ट्रैक के दोनों तरफ लाल झंडा लगाकर कार्य करवा रहे थे। कर्मियों की ओर से ट्रैक के नीचे से गिट्टी हटाकर उसे दोबारा डाला जा रहा था। इसी बीच वाराणसी-लखनऊ डाउन इंटरसिटी एक्सप्रेस लखनऊ की ओर से आती दिखी।ट्रेन को आता देख पैकिंग कार्य में लगे कर्मियों ने लाल झंडा हटा दिया। ट्रैक खाली देख चालक ने गौरीगंज में स्टॉपेज होने के कारण ट्रेन को धीमी गति से आगे बढ़ाया। ट्रेन प्लेटफार्म संख्या दो पर पहुंची ही थी कि अचानक कई जगह ट्रैक धंस गया। ट्रैक धंसने से ट्रेन लड़खड़ाने लगी तो यात्रियों में भगदड़ मच गई। कई यात्री अपना सामान ट्रेन में ही छोड़ बाहर कूद गए।इसी बीच ट्रेन के चालक व गार्ड ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। ट्रेन के रुक जाने से बड़ा हादसा टल गया।ट्रेन खड़ी होने के बाद चालक, गार्ड व स्टेशन पर तैनात अफसर व कर्मचारी मौके पर पहुंचे। अफसरों की मौजूदगी में ट्रैक के नीचे गिट्टी डलवाकर ट्रेन को करीब आधा घंटा बाद कॉशन के सहारे वाराणसी के लिए रवाना किया गया।

ट्रेन के बेपटरी होने के बाद भी अफसरों ने नहीं लिया सबक

मंगलवार शाम यात्री ट्रेन के बेपटरी होने से बचने के बाद भी पैकिंग कार्य में लगे अफसरों व कर्मियों ने सबक नहीं लिया। इसके चलते बुधवार को मालवाहक डिब्बों को लाने के लिए एसीसी फैक्टरी की ओर जा रहे मल्टीपल इंजन के पहिए भी ट्रैक से रगड़ने लगे। खतरा
भांपकर चालक आशीष पाल ने इंजन को रोककर इसकी जानकारी मेमो के माध्यम से स्टेशन मास्टर प्रवीण सिंह को दी। रेल अधिकारियों के अनुसार चालक ने सूझ-बूझ का परिचय नहीं दिया होता तो हादसा हो सकता था।

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