Supreme court justice| सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के उस फैसले पर रोक लगा दी है जिसमे उसने लावारिस कुत्तों के खाने पीने की सामग्री दिए जाने के सम्बंध में दिशा निर्देश दिए हैं। बता दें हाई कोर्ट ने यह फैसला दिया था कि लावारिस कुत्तों को खाना खिलाने का अधिकार है।
बता दें न्यायमूर्ति विनीत शरण और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की पीठ ने हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली स्वयं सेवी संस्था की याचिका पर नोटिस जारी किया है और कहा है इस संदर्भ में जल्द ही अन्य आदेश जारी किया जाए जब तक यह नहीं होता तब तक विरोधी आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगी रहेंगी।
शीर्ष अदालत स्वयं सेवी संस्था ‘ह्यूमन फाउंडेशन फॉर पीपुल एंड एनीमल’ की ओर से उच्च न्यायालय के 24 जून 2021 के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रही थी। एनजीओ ने अपने तर्क देते हुए कहा, कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से लावारिस कुत्ते पर खतरा बढ़ सकता है। लेकिन लावारिस कुत्तों के साथ ऐसा नहीं है,इसलिए सोसाइटी में,सड़कों पर, और किसी भी सार्वजनिक स्थान पर इन्हें खिलाने से नागरिकों को सीधा खतरा हो सकता है।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि लावारिस कुत्तों को भोजन का अधिकार है और नागरिकों को कुत्तों को खिलाने का अधिकार है,लेकिन इस अधिकार का प्रयोग करने में सावधानी बरती जानी चाहिए और यह सुनिश्चित होना चाहिए कि यह दूसरों पर आक्रमण नहीं करे और किसी प्रकार की समस्या पैदा नहीं हो.
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